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यूपी-दिल्ली के व्यवसायी थे सल्ली गैंग के निशाने पर

Wed, 21 Dec 2016 12:35 AM IST
पुनीत शर्मा/ राजेश भाटिया
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- फोटो : demo pic
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उत्तर प्रदेश और दिल्ली के कई बड़े व्यवसायी सल्ली गैंग के निशाने पर हैं। तिहाड़ जेल में बंद शातिर सल्ली अपने गुर्गों की मार्फत अपहरण उद्योग को जिंदा करना चाहता है। इसके लिए अपने बदमाशों को लग्जरी गाड़ियां और अत्याधुनिक असलहे मुहैया कराए गए हैं। पुलिस गिरफ्त में आया शेर खां भी इसी गैंग का शातिर बदमाश है। उससे मिली जानकारी के बाद पुलिस कई राज्यों में नेटवर्क खंगालने की तैयारी कर रही है।   
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मथुरा जनपद के गांव विशंभरा का सल्ली 2012 से तिहाड़ जेल में बंद है। दिल्ली पुलिस ने उसे गिरफ्तार किया था। जिस वक्त सल्ली पकड़ा गया था उस वक्त उसके गैंग में साहून, शेरखां समेत 12 लोग थे। इस गैंग ने दिल्ली, उत्तर प्रदेश, हरियाणा, राजस्थान और तिलंगाना में वारदातों को अंजाम दिया था। सल्ली की गिरफ्तारी के बाद गैंग कमजोर हुआ तो साहून ने इसकी कमान संभाल ली। अभी इस गैंग में करीब 8-10 शार्प शूटर हैं। 

साहून पर अब 1 लाख रुपये का इनाम है। शेर खां को साहून का राइट हैंड कहा जाता है। वह शार्प शूटर भी है। कद काठी से किसी सीधे सादे नौजवान की तरह दिखने वाला शेर खां बड़ा शातिर बदमाश है। शेर खां पर 21 मुकदमे दर्ज हैं। इनमें लूट, हत्या का प्रयास, पुलिस मुठभेड़ और अपहरण हैं। इस समय साहून और शेर खां ही सल्ली गैंग को चला रहे हैं। लग्जरी गाड़ियों का शौकीन शेर खां हमेशा अपने साथ अत्याधुनिक असलहे रखता है। पुलिस ने उसके पास से एक कारबाइन और पिस्टल बरामद की है। पुलिस पूछताछ में शेर खां ने जो बताया उसके मुताबिक ये लोग कुछ बड़े कारोबारियों का अपहरण करके फिरौती वसूलने की प्लानिंग कर रहे थे।
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लाल और नीली बत्ती की गाड़ियां लेकर करते वारदात
सल्ली गैंग के बदमाश लाल और नीली बत्ती लगी गाड़ियों का इस्तेमाल वारदात को अंजाम देने के लिए करते हैं। कारोबारियों के अपहरण में भी इन्हीं गाड़ियों का इस्तेमाल किया जाना था। सल्ली को 2012 में दिल्ली पुलिस ने गिरफ्तार किया था। सल्ली भी हाईवे और प्रमुख मार्गों पर नीली बत्ती लगी गाड़ी में लूट की वारदातें करता था। 

शाहून और शेर खां 2015 में पुलिस कस्टडी से भागे थे
साहून और शेर खां 2015 में मध्यप्रदेश पुलिस की कस्टडी से फरार हो गए थे। दोनों लोग उज्जैन जेल में बंद थे और पेशी पर जाते वक्त पुलिस वालों को नशीला पदार्थ खिलाकर भाग गए थे। साहून, शेर खां के साथ पांच बदमाश फरार हुए थे जिनमें से किसी को भी पकड़ा नहीं जा सका है।


शेर खां पर 21 मुकदमे हैं। उसकी गिरफ्तारी पर सवा लाख का इनाम था। जिसमें 50 हजार रुपये दिल्ली से, 20 हजार मध्यप्रदेश से, 20 हजार हरियाणा से और 20 हजार तेलंगाना से थे। मथुरा से भी 15 हजार का इनाम उस पर है। शेर खां शुरुआत में सल्ली गैंग का सक्रिय सदस्य था। अब साहून का दाहिना हाथ है।
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 -मोहित गुप्ता, एसएसपी
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