वृंदावन। संत प्रेमानंद में लोगों की आस्था बढ़ती जा रही है। वृंदावन आने वाला हर कोई उनसे मिलने की चाह रखता है। इस कारण से उनकी निकलने वाली पदयात्रा में लाखों की भीड़ हो जाती है। कुछ दिनों से रात्रिकालीन पदयात्रा बंद थी तो भक्त बड़े मायूस थे। वहीं कुछ दिन सुबह आश्रम के बाहर कुछ दूरी तक संत ने पदयात्रा की, लेकिन अब वे सौभरि वन में श्रद्धालुओं से मिलने पहुंच रहे हैं।
श्रीराधे हित केलिकुंज आश्रम से वह अपने परिकरों के साथ कार से सौभरि वन पहुंचते हैं। वहां कुछ दूर तक पदयात्रा करते हैं और मौजूद लोगों को आशीर्वाद देते हैं। संत के पहुंचने से पहले ही सौभरि वन में उनके परिकर व्यवस्था संभालने के लिए पहुंच जाते हैं। रस्सी लगाकर दो तरफ श्रद्धालुओं को बैठा दिया जाता है। रस्सी के बीच बनाए गए रास्ते में संत प्रेमानंद अपने परिकर के साथ पदयात्रा करते हुए लोगों को बीच पहुंचकर स्नेह आशीर्वाद देते हुए आगे बढ़ते चले जाते हैं। फिर कार से वापस आश्रम चले जाते हैं। यह व्यवस्था कितने दिनों तक चलेगी, यह कह पाना संभव नहीं है, लेकिन पिछले दो दिन से सौभरि वन में संत प्रेमानंद लोगों से मिलने पहुंच रहे हैं।