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Mathura News: अपमान से आहत संत ने सीएम को लिखा खत, मुड़िया मेले की धनराशि को बंदरबांट करने की कही बात

Sun, 11 Jun 2023 07:59 AM IST
भूपेन्द्र सिंह संवाद न्यूज एजेंसी, मथुरा

सार

मथुरा में अपमान से आहत संत ने सीएम को पत्र लिखकर अधिकारियों की शिकायत की है। संत ने मुड़िया मेले की धनराशि को बंदरबांट करने की बात कही। 
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सीएम योगी। - फोटो : अमर उजाला।
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विस्तार
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उत्तर प्रदेश के मथुरा में मुड़िया पूर्णिमा मेले की तैयारियों के लिए शुक्रवार को गोवर्धन के पीडब्ल्यूडी गेस्ट हाउस में हुई बैठक में बुलावे के बाद भी मुड़िया संत को बाहर कर दिया गया। इससे नाराज संत ने इसे संतों का अपमान बताते हुए मुख्यमंत्री को लिखित रूप से शिकायती पत्र भेजा है। इसमें उन्होंने प्रशासन पर सनातन धर्म व संस्कृति से खिलवाड़ लिए जाने का आरोप लगाया है।

कस्बा इंचार्ज ने आश्रम आकर दी सूचना

श्रीराधाश्याम सुंदर मंदिर चकलेश्वर के महंत व मुड़िया संत रामकृष्ण दास महाराज ने मुख्यमंत्री को भेजी शिकायत में बताया कि 9 जून को मुड़िया मेले के संबंध में पीडब्ल्यूडी गेस्ट हाउस में बैठक हुई। इसमें शामिल होने के लिए उन्हें खुफिया विभाग के साथ ही कस्बा इंचार्ज यशपाल ने आश्रम में आकर सूचना दी। 

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भक्तों में फैल गया आक्रोश 

बैठक में शामिल होने के लिए वे करीब 12.30 बजे पीडब्ल्यूडी गेस्ट हाउस के मीटिंग हॉल में पहुंचे। इस पर एसडीएम ने कहा कि आप कौन हो और किसने बुलाया है। इतना ही नहीं अपमानित शब्दों का प्रयोग करते हुए मीटिंग हॉल से बाहर कर दिया। जब मुड़िया संत के अपमान की जानकारी भक्तों को हुई तो आक्रोश फैल गया। 

शोभायात्रा के लिए नहीं स्वीकृत होती कोई धनराशि

प्रशासन के इस अपमान से वह बहुत ही दुखी हैं। संत ने आरोप लगाया है कि मुड़िया मेले के लिए मिलने वाली धनराशि का दुरुपयोग प्रशासन द्वारा आपस में बंदरबांट करके किया जाता है। प्राचीन मुड़िया शोभायात्रा के लिए कोई भी धनराशि स्वीकृत नहीं होती है।

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उन्हें बैठक में नहीं बुलाया गया था

वहीं एसडीएम कमलेश गोयल ने बताया कि संत के साथ किसी भी प्रकार से अपमानित नहीं किया गया। उन्हें बैठक में शामिल होने के लिए भी नहीं बुलाया गया था। वे जिस कस्बा इंचार्ज के माध्यम से सूचना मिलने की बात कह रहे हैं, वे अवकाश पर चल रहे हैं। सिर्फ कर्मचारी को उनके साथ भेजकर नीचे कमरा खुलवाकर थोड़ी देर इंतजार करने के लिए कहा गया था।
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