वृंदावन (मथुरा)। ज्येष्ठ मास की ऊष्णता से राहत देने के लिए मंगलवार शाम जगन्नाथ मंदिर में विभिन्न धार्मिक अनुष्ठानों के मध्य वैदिक परंपराओं के अनुरूप भगवान जगन्नाथ को १०८ कलशों से सहस्त्रधारा स्नान कराया गया। शाम को हुए इस आयोजन के दूर-दूर से आए श्रद्धालु भी साक्षी बने। आयोजन के अंतर्गत वैदिक मंत्रोच्चारण के मध्य विधि विधान से भगवान जगन्नाथ को १०८ कलशों के शीतल जल से सहस्त्रधारा स्न्नान कराया जाता है।
मंदिर के सेवायत स्वामी ज्ञानप्रकाश महाराज ने बताया कि ज्येष्ठ मास की गर्मी से बचाव के लिए भगवान को ज्येष्ठ पूर्णिमा को जलयात्रा सेवा महोत्सव का आयोजन किया जाता है। उन्होंने बताया कि मान्यता है कि स्न्नान के बाद भगवान जगन्नाथ को बुखार हो जाता है। प्रभु के अस्वस्थ होने की इसी मान्यता के चलते श्रद्धालुओं को अगले १५ दिनों तक अपने आराध्य के दर्शन सुलभ नहीं होते।
भगवान के अस्वस्थ होने पर उन्हें स्वस्थ करने के लिए परंपरानुसार उनका जड़ी-बूटियों, औषधियों इत्यादि गर्म पदार्थों के सेवन से उपचार किया जाता है। इसके बाद ही भगवान १५ दिन पश्चात भक्तों को दर्शन देते हैं। आगामी १ जुलाई को भगवान जगन्नाथ बड़े भाई बलभद्र और बहिन सुभद्रा के साथ रथयात्रा करते हुए नगर में भ्रमण को निकलेंगे।
पुष्प मंडप में विराजे राधा दामोदर
ज्येष्ठ पूर्णिमा पर ठा. राधादामोदर महाराज को पुष्प मंडप में विराजमान कर उन्हें जल की सहस्त्रधारा से स्नान कराया गया। शाम ५:३० बजे भव्य फूल बंगला में ठाकुर जी ने दर्शन दिए।