संसद में दलित छात्र रोहित वेमुला की आत्महत्या को मुद्दा बनाना बसपा नेता मायावती का उत्तर प्रदेश में होने वाले विधानसभा चुनावों को ध्यान में रखकर जान बूझकर किया गया नाटक था। मायावती को कोई दलित और राष्ट्र प्रेम नहीं है, बल्कि वह तो केवल यूपी की सत्ता से प्रेम रखतीं हैं।
यह बात परिक्रमा मार्ग गोपाल खार स्थित सत्य सेवा संस्थान में केंद्रीय खाद्य संस्करण मंत्री साध्वी निरंजना ज्योति ने कही। उन्होंने कहा कि केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी के जवाब को न सुनकर वह बार-बार संसद की कार्यवाही को बाधित करके अनुशासनहीनता कर रहीं थीं।
जेएनयू मामले पर उन्होंने कहा कि जेएनयू की स्थिति खराब नहीं है, लेकिन वहां अफजल गुरू जैसे देशद्रोहियों का समर्थन करने की वजह देशभक्तों को श्रद्धांजलि दी जाती तो पूरे विश्व में अच्छा संदेश जाता।
उन्होंने कहा कि यदि कांग्रेस जैसे राजनीतिक दलों के नेता देशद्रोहियों को इसी तरह से समर्थन करने लग गए तो भारत के घर-घर में अफजल गुरू पैदा होंगे। यूपी में होने वाले विधानसभा चुनावों पर बोली कि भाजपा कार्यकर्ता पूरी तरह से उत्तर प्रदेश में परचम लहराने के लिए तैयार हैं और भाजपा पूर्ण बहुमत से सत्ता में आएगी।