मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के सभी ‘योद्धाओं’ पर संघ की नजर रहेगी। मंत्री से लेकर विधायकों तक के काम की मानीटरिंग प्रचारक करेंगे। संघ के हेडक्वार्टर को हर माह रिपोर्ट भेजी जाएगी। विधायकों के काम और व्यवहार को लेकर रिपोर्ट तैयार की जानी है। वर्ष 2019 के चुनाव को लेकर जनप्रतिनिधि किस तरह तैयारी कर रहे हैं, इस पर रिपोर्ट की जाएगी।
उत्तर प्रदेश में योगी की सरकार पर संघ की कड़ी नजर रहेगी। संघ ने इसके लिए बाकायदा अपने प्रचारकों को जिम्मेदारी सौंप दी है। प्रचारक जनता के बीच में रहते ही हैं लिहाजा विधायक और मंत्रियों के व्यवहार और काम के प्रति जनता से रिपोर्ट लिया करेंगे। यह भी देखा जाएगा कि कहीं विधायक और मंत्री स्थानीय स्तर पर अफसरों के तबादले और तैनाती को लेकर तो सिफारिशें नहीं कर रहे हैं। अधिकारियों पर दबाव तो नहीं बनाया जा रहा है। हर महीने रिपोर्ट संघ को दी जाएगी।
रिपोर्ट भेजने का सिलसिला अप्रैल माह से शुरू हो जाएगा। क्षेत्रीय प्रचारकों को 8 बिंदुओं पर रिपोर्ट भेजनी होगी। संघ मुख्यालय इस रिपोर्ट को बाद में मुख्यमंत्री से तो साझा करेगा ही एक कापी भाजपा अध्यक्ष को भी भेजी जाएगी।
संघ के पश्चिमी उत्तर प्रदेश के प्रचारक पदम सिंह ने बताया कि संघ और उससे जुड़े संगठनों के लोग हमेशा जनता के बीच ही रहते हैं। जाहिर सी बात है कि पब्लिक में क्या चल रहा है वह भी उन तक पहुंचता ही रहता है। मुख्यालय को समय-समय पर रिपोर्ट भेजी जाती है।
वहीं संघ भी 2019 की तैयारियों में जुट रहा है। हर वर्ग को जोड़ने की प्लानिंग हो रही है। वृंदावन के केशवधाम में हुई मीटिंग में तय किया गया कि डा. भीमराव अंबेडकर जयंती पर देशभर में होने वाले कार्यक्रमों में संघ के लोग बढ़चढ़कर हिस्सा लेंगे। दलित समाज के साथ भोज भी किया जाएगा।
टॉप पर रहेगा हिंदू एजेंडा
संघ का मानना है कि जब भी भाजपा हिंदू एजेंडा भूलती है तभी माहौल बिगड़ने लगता है। लिहाजा हिंदू एजेंडे को टॉप पर रखना होगा। संघ का मानना है कि प्रदेश में इस बार जो भाजपा की सरकार बनी है उसके पीछे भी हिंदू एजेंडा ही माना जा रहा है।
इन बिंदुओं पर बनेगी रिपोर्ट
- विधायक अपने क्षेत्र में जा रहे हैं या नहीं
- संगठन में उनकी भूमिका और कार्यक्रमों में भागेदारी
- जनता की शिकायतों का निस्तारण
- जनता के प्रति उनका व्यवहार कैसा है
- चुनाव में जो वादे किए थे उन्हें पूरा करने की दिलचस्पी
- 2019 के लोकसभा चुनाव को लेकर कैसी तैयारियां हैं
- विधायक ट्रांसफर-पोस्टिंग तो नहीं करा रहे हैं