विश्व हिंदू परिषद् द्वारा परिक्रमा मार्ग स्थित चैतन्य कुटी में 6 दिंसबर को विजय दिवस के रूप मनाया गया। इसमें संतों एवं हिंदू वादियों ने अयोध्या में राम मंदिर निर्माण का संकल्प लिया।
अध्यक्षता करते हुए महंत फूल डोल बिहारी दास महाराज ने कहा कि आज 800 वर्षों के बाद भारत देश में हिंदुओं का शासन आया है। हम संतों को उम्मीद ही नहीं पूर्ण विश्वास है कि नरेंद्र मोदी के शासन काल में अयोध्या में राम मंदिर का निर्माण अवश्य होगा।
उमापीठाधीश्वर स्वामी रामदेवानंद सरस्वती ने कहा कि दुनियां की कोई भी ताकत भगवान श्रीराम का भव्य मंदिर बनने से नहीं रोक सकती। स्वामी आदित्यानंद ने कहा कि अयोध्या में राम मंदिर का निर्माण हिंदुओं की अस्मिता का प्रश्न है। महामंडलेश्वर नवलगिरि महाराज ने कहा कि राम मंदिर निर्माण से भारत में हिंदू राष्ट्र बनने की नींव मजबूत होगी। नगर अध्यक्ष सौरभ गौड़ ने कहा कि राम मंदिर निर्माण के लिए अपना बलिदान देने वाले लोगों की आत्म शांति मंदिर निर्माण से ही मिलेगी। आचार्य बद्रीश ने कहा कि मंदिर निर्माण के लिए विहिप के धर्म योद्धा अयोध्या जाने के लिए तैयार बैठे हैं। इस अवसर पर रामनिहोर त्रिपाठी, महंत सच्चिदानंद दास, महंत ब्रह्मचारी महाराज, पालिकाध्यक्ष मुकेश गौतम, छैल बिहारी शर्मा, स्वामी देव स्वरूप, कृष्ण मुरारी मोतीवाला, श्यामसुंदर गौतम, ललित प्रजापति आदि उपस्थित थे।