राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ की तीन दिवसीय बाल कार्य प्रमुख बैठक शुक्रवार देर शाम प्रारंभ हो गई। बैठक में आरएसएस की शाखाओं में बाल वर्ग की संख्या बढ़ाने और भावी पीढ़ी को संस्कारित बनाने पर मंथन होगा। बताया गया कि संघ का मानना है कि यदि एक बालक संघ की शाखा से जुडे़गा तो निश्चित रूप से उसका परिवार और उससे जुडे़ अन्य लोग भी आरएसएस की विचारधारा से कहीं न कहीं प्रभावित जरूर होंगे।
गांव बुर्जा स्थित केशवधाम में आयोजित ये बैठक तीन दिवसीय है। 30 और 31 जुलाई को बैठक में पांच सत्र होंगे। केशवधाम के निदेशक ललितजी ने बताया कि इन सत्रों में आरएसएस की नीतियों व सिद्धातों के अनुरूप आने वाली पीढ़ी को अधिक से अधिक जोड़ने के साथ उन्हें आजीवन आरएसएस से जोडे़ रखने के लिए कार्ययोजना तैयार की जाएगी। बैठक में देशभर के 42 प्रांतों से 84 संपर्क प्रमुख भाग लेंगे। इनको आरएसएस के सर कार्यवाह भैयाजी जोशी और अखिल भारतीय सह शारीरिक प्रमुख जगदीश प्रसाद, सुभाष राव, शाश्वत रंजन और स्वपनील भी मार्गदर्शन प्रदान करेंगे।
उन्होंने बताया कि बैठक में होने वाले सत्रों में संपर्क प्रमुखों को बच्चों की मनोदशा को जानने के साथ उनकी रुचि के अनुरूप राष्ट्र और समाज के प्रति भाव जाग्रत करने की रणनीति समझाई जाएगी। आरएसएस में बाल वर्ग की संख्या बढ़ाने पर बल दिया जाएगा।