मथुरा। मुड़िमा पूर्णिमा मेले के दौरान गिरिराज जी के भक्तों को मथुरा से गोवर्धन पहुंचाने और फिर वापस लाने का जिम्मा यूपी रोडवेज ने संभाल लिया है। मथुरा डिपो की बसें संचालन में लगा दी गई हैं। बुधवार को आगरा मंडल अंतर्गत आने वाले विभिन्न डिपो की बसें यहां नजर आएंगी। 30 जून की रात 700 बसों का जमावाड़ा बाहरी मंडलों की बसों का होगा। हालांकि जिलाधिकारी बुधवार को मेले की व्यवस्थाओं की समीक्षा करने जा रहे हैं।
प्रशासनिक दृष्टि से मुड़िया पूर्णिमा मेले की शुरुआत हो चुकी है, लेकिन मंगलवार को परिक्रमार्थियों की कोई हलचल नजर नहीं आई। मथुरा डिपो की बसें परिक्रमार्थियों के इंतजार में नए बस स्टैंड पर ही खड़ी रही। गोवर्धन के लिए आम दिनों की भांति सामान्य संचालन ही रहा। मथुरा डिपो के सहायक क्षेत्रीय प्रबंधक मदन मोहन शर्मा ने बताया कि बृहस्पतिवार को एकादशी होने के कारण बुधवार शाम सामान्य से अधिक यात्रियों की निकासी रहेगी। इसके लिए आगरा मंडल अंतर्गत विभिन्न डिपो की बसें मथुरा में रहेंगी। प्रत्येक डिपो से 50-50 बसें मंगाई गई हैं। दो दिन मुड़िया पूर्णिमा मेलेमें यात्रियों की सेवा मथुरा डिपो सहित आगरा मंडल के डिपो करेंगे।
30 मई को 700 बसे बाहरी जनपदों से यहां आ जाएंगी। जिला प्रशासन ने 1500 बसों की व्यवस्था के निर्देश दिए हैं। उन्होंने बताया कि मेले के लिए सड़क संचालन वन वे रहेगा। मथुरा से गोवर्धन के लिए बसें जाएंगी और वापसी सौंख मार्ग से होगी। दोनों तरफ का किराया 50-50 रुपये निर्धारित किया गया है। फिलहाल मेले के लिए बसों का संचालन मालगोदाम रोड से होगा। नए बस स्टैंड की ओर से बसे एंट्री करेंगी और परिक्रमार्थियों के साथ गोवर्धन के लिए निकासी जयगुरुदेव की ओर से होगी। भीड़ का दबाव बढ़ने पर मंडी से भी बसों का संचालन गोवर्धन चौराहा के माध्यम से शुरू कर दिया जाएगा।
पुलिस और सुरक्षाबलों ने संभाली कमान
गोवर्धन। यूपी व राजस्थान के पूंछरी गांव की सीमा में लगने वाले मुड़िया पूर्णिमा मेले के लिए सुरक्षा अलर्ट जारी कर दिया गया है। मेला क्षेत्र को नौ सुपर जोन, 21 जोन व 62 सेक्टरों में बांटे जाने के साथ ही सात एसपी, 22 क्षेत्राधिकारी, 91 निरीक्षक, 479 एसआई, 1673 कांस्टेबल और हैडकांस्टेबल, 50 महिला उपनिरीक्षक, 272 महिला आरक्षी, पांच टीआई, 27 यातायात एसआई, 150 यातायात कांस्टेबल, 500 होमगार्ड और पीएसी की दो कंपनी लगा दी गई हैं। मेला क्षेत्र में निगरानी के लिए डाॅग स्कवॉड और घुड़सवार पुलिसकर्मियों की मदद ली जाएगी। कुंडों की बेरिकैडिंग की गई है। मानसी गंगा पर सुरक्षा व्यवस्थाओं के बीच फव्वारों के नीचे स्नान कराया जाएगा। यहां सादा वर्दी में महिला पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई है। भीड़भाड़ वाले प्रमुख मंदिरों में एलआईयू, एटीएस, बम निरोधक दस्ता आदि टीमें लगी हैं।
48 पार्किंग स्थलों की व्यवस्था
मेले के दौरान भीड़ का दबाव करीब 50 किलोमीटर के दायरे में रहता है। 21 किलोमीटर की परिक्रमा के साथ ही मथुरा से ही भीड़ का दबाव शुरू हो जाता है। भीड़ का यह रेला मथुरा रोड पर अड़ीग, सौंख रोड पर महमदपुर, डीग रोड पर गांठौली, बरसाना रोड पर नीमगांव व राधाकुंड रोड जुल्हेंदी व बसौंती, सौंख, जाजमपट्टी तक दिखाई देता है। इसे देखते हुए इन मार्गों पर प्रशासन ने 48 पार्किंग स्थलों की व्यवस्था निजी वाहनों के लिए की है।