वृंदावन में रह रही बंगाली महिलाओं को प्रदेश में कहीं भी निशुल्क यात्रा करने का तोहफा रोडवेज ने छीन लिया है। दो साल पहले पूर्व मुख्यमंत्री की घोषणा के बावजूद रोडवेज ने अब तक पास जारी नहीं किए हैं। जबकि इसके लिए आवेदन लिए जा चुके हैं।
वृंदावन के चैतन्य विहार में दो महिला आश्रय सदन, ज्ञान गुदड़ी भूत गली में दो और गौरा नगर व तराश मंदिर के एक-एक आश्रय सदन में करीब 1800 से अधिक बंगाली महिलाएं रह रही हैं। इन महिलाओं की स्थिति देखते हुए कई बार सुप्रीम कोर्ट राज्य सरकार को निर्देशित कर चुका है।
11 मार्च, 2015 को तत्कालीन मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने इस्कॉन मंदिर में आयोजित कार्यक्रम के दौरान इन महिलाओं के लिए 30 करोड़ की आवासीय योजना व अन्य सुविधाएं देने के साथ यूपी की रोडवेज बसों में यात्रा के लिए पास जारी करने की घोषणा की थी। इसके अनुपालन में रोडवेज कर्मियों ने वृंदावन में बंगाली महिलाओं के फोटो लिए और फार्म भरवाए, लेकिन आज तक पास जारी नहीं हो सके।
मुख्यमंत्री की घोषणा के अनुरूप परिवहन कर्मियों ने पूरा होमवर्क किया था, लेकिन बंगाली महिलाओं के लिए पास जारी करने को परिवहन मंत्रालय व सचिवालय से कोई आदेश नहीं मिले। डीएम स्तर से पत्राचार हुआ और कमिश्नर की बैठकों में कई बार इस संबंध में रिमाइंडर दिया गया।
-अक्षय कुमार, एआरएम मथुरा