फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

आईजी के वास्ते खाली कराए रास्ते

Wed, 14 Sep 2016 12:16 AM IST
अमर उजाला वृंदावन
विज्ञापन
बांके बिहारी मंदिर - फोटो : अमर उजाला वृंदावन
विज्ञापन
आगरा जोन के आईजी सुजीत पांडे मंगलवार की शाम लगभग साढ़े सात बजे बांके बिहारी मंदिर में दर्शन करने पहुंचे। उनका रूट क्लीयर करने के चक्कर में पुलिस ने श्रद्धालुओं को परेशान कर दिया। आईजी के वास्ते तमाम मंदिरों के रास्ते खाली करा दिए गए। ठाकुर बांकेबिहारी मंदिर के परिक्रमा मार्ग का गेट बंद कर इस पर ताला लगा दिया। इतना ही नहीं, इसकी चाबी लेकर पुलिसकर्मी वहां से चला भी गया। नतीजा यह हुआ कि श्रद्धालुओं के नियम सेवा में रुकावट आई। कई श्रद्धालु तो बिना परिक्रमा लगाए मायूस मन से मंदिर से लौट गए। पुलिस के इस रवैये से श्रद्धालुओं में भारी नाराजगी है।
विज्ञापन


आईजी अचानक पहुंचे थे। उनके कार्यक्रम की पहले से न पुलिस को जानकारी थी और न ही मंदिर प्रबंधन को। मंदिर के सेवायत और मंदिर प्रबंध कमेटी के सदस्य दिनेश गोस्वामी ने कहा कि पुलिस ने शाम साढे़ पांच बजे से ही मंदिर और आसपास के वीआईपी रोड को पूरी तरह से खाली करा दिया।

पुलिस ने डंडे के बल पर ठेले वाले और फूल माला विक्रेताओं को हटा दिया। बांकेबिहारी मंदिर के परिक्रमा मार्ग के सारे रास्ते बंद करा दिए। बैरिकेडिंग के बाद गेटों पर ताला लगाकर पुलिस का पहरा बैठा दिया। दिनेश गोस्वामी ने बताया कि पुलिसकर्मी बांकेबिहारी मंदिर के प्रमुख परिक्रमा मार्ग और प्याऊ वाले गेट पर ताला लगा चाबी लेकर रफूचक्कर हो गए।
विज्ञापन


इस दौरान श्रद्धालु परिक्रमा मार्ग में फंसे रहे। दैनिक परिक्रमार्थी आज परिक्रमा देने से वंचित रहे। आभाष गोस्वामी के अनुसार मंदिर के अंदर वीआईपी कठघरा आईजी के लिए एक घंटे खाली पड़ा रहा। इस बीच किसी को वीआईपी गैलरी में दर्शन की अनुमति नहीं दी गई। श्रद्धालु पीछे पांच और तीन नंबर गेट से दर्शन कर जाते देखे गए।

शाम लगभग 7:30 बजे आईजी सुजीत पांडेय वीआईपी रोड से पुलिस बल के साथ ठाकुर बांकेबिहारी मंदिर में दर्शन करने पहुंचे। यहां पूजन मयंक गोस्वामी ने कराया। आईजी के लौटने के बाद लोगों को वीआईपी दर्शनों का लाभ मिल सका।

मामले में बांकेबिहारी मंदिर के प्रबंधक मुनीष शर्मा ने कहा कि मंदिर की व्यवस्थाएं शाम को सीओ सदर आलोक दुबे के निर्देशन में पुलिस ने संभाल ली थीं। मंदिर प्रबंधन को पहले से कोई वीआईपी प्रोटोकाल नहीं मिला था।

सीओ सदर आलोक दुबे ने बताया कि पुलिस ने वीआईपी आगमन को लेकर अपनी तैयारी का रिहर्सल किया था कि भीड़ के समय किस प्रकार व्यवस्था करनी है।  गेट बंद करने पर उन्होंने कहा कि आईजी के आने से कुछ देर पहले ही गेट बंद किया था। एकादशी पर भीड़ अधिक होने के कारण व्यवस्थाएं बदली गईं।
विज्ञापन
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें