योगी सरकार के आदेश के तहत 15 जून तक होने वाली सड़कों की मरम्मत में बड़ी बाधा उत्पन्न हो गई है। ठेकेदारों ने इस प्रक्रिया के तहत निकाले गए टेंडर लेने से ही इंकार कर दिया है।
ग्रामीण अंचल में सड़कों की मरम्मत की जिम्मेदारी संभाले पीडब्ल्यूडी के अफसरों के हाथ-पैर फूल रहे हैं। इसका कारण ठेकेदाराें का बहिष्कार है। जनपद में प्रांतीय खंड ने 190 सड़कों की मरम्मत का प्रस्ताव शासन को भेजा था। 10 करोड़ की लागत से इन सड़कों की मरम्मत के लिए टेंडर मांगे गए थे, लेकिन ठेकेदार इसके लिए तैयार नहीं हैं।
इसी तरह पीडब्ल्यूडी के निर्माण खंड में भी 6 करोड़ की लागत से सड़कों की मरम्मत होनी है। ठेकेदाराें के रुख को देखते हुए पीडब्ल्यूडी ने टेंडरों की तिथि और बढ़ा दी है। सोमवार को ठेकेदार संघ की बैठक भी हुई। इसमें बहिष्कार पर कायम रहते हुए प्रांतीय स्तर पर विभागीय मंत्री से मुलाकात करने का फैसला लिया गया। अब मंगलवार को ठेकेदार लखनऊ जाएंगे।