राष्ट्रीय लोकदल से जिला पंचायत अध्यक्ष रहे चेतन मलिक शुक्रवार को भारतीय जनता पार्टी के हो गए। जयंत चौधरी के बेहद करीबी कहे जाने वाले चेतन ने करीब 200 समर्थकों के साथ भाजपा जिला कार्यालय पहुंचकर पार्टी की सदस्यता ग्रहण की।
गौरतलब है कि चेतन मलिक को रालोद के राष्ट्रीय महासचिव और तत्कालीन सांसद जयंत चौधरी ने तमाम विरोध के बावजूद जिला पंचायत अध्यक्ष की कुर्सी थमाई थी। हालांकि, पार्टी और जिला पंचायत सदस्यों में उपजे विरोध के चलते उन्हें जल्द ही कुर्सी छोड़नी पड़ी।
इस पूरे घटनाक्रम में पार्टी के उन नेताओं ने अहम रोल अदा किया जो जिला पंचायत की कुर्सी पर शुरू से ही नजर जमाए थे। बताया जाता है कि जिला पंचायत अध्यक्ष पद से हटने के बाद चेतन रालोद में ही अलग-थलग पड़ गए। जिला पंचायत और पार्टी संगठन में उनके प्रति बेरुखी चेतन मलिक को खल रही थी। ऐसी स्थिति में उन्होंने भाजपा का दामन थाम लिया।
वैसे रालोद से भाजपा में आने वाले वह पहले नेता नहीं हैं। इससे पहले भी कई नेता रालोद छोड़कर भाजपा में आए हैं। उनमें से अधिकांश या तो वापस हो गए हैं या गुमनामी में खो गए हैं लेकिन पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष चेतन मलिक के आगमन को भाजपा नेता बड़ी कामयाबी मान रहे हैं।