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बिखरी सपा से दोस्ती दुश्मनी से भी घातक होगी

Thu, 29 Dec 2016 11:07 PM IST
पुनीत शर्मा
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अजित सिंह - फोटो : अमर उजाला
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प्रदेश की सियासत को नया रंग देने के लिए महागठबंधन की बात करने वाले रालोद मुखिया अजित सिंह दाऊ बाबा की धरती पर सपा से रूठे-रूठे नजर आए। बोले, बिखरी सपा से दोस्ती दुश्मनी से भी घातक हो सकती है। उन्होंने यहां तक कह दिया कि सपा के सफाये की नींव उनके घर से ही रखी जा रही है। हां अगर कांग्रेस चाहे तो हमारे साथ आ सकती है।
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गुरुवार को मथुरा के बलदेव में किसान अधिकार रैली को संबोधित करने के बाद अमर उजाला से बातचीत में रालोद अध्यक्ष अजित सिंह ने कहा कि हम तो सांप्रदायिक ताकतों को सत्ता से दूर करने के लिए एक साझा प्रयास कर रहे थे। कई दल हमारे साथ भी आए। लेकिन मौजूदा समय में जो सपा के हालात हैं उन्हें देखकर तो दूर रहना ही उचित होगा। आप देख रहे हैं क्या स्थिति है। मुलायम सिंह कुछ कह रहे हैं। शिवपाल कुछ बोल देते हैं। मुख्यमंत्री अखिलेश यादव अलग-थलग पड़ गए हैं। ऐसे में जनता भी मुंह मोड़ लेगी। 

रालोद मुखिया ने बताया कि बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने पहले कहा था कि वो यूपी में महागठबंधन में सहयोग करेंगे। अब समझ नहीं आता कि नोटबंदी के मुद्दे पर जब सारे दल केंद्र सरकार के विरोध में हैं तो वो समर्थन की लाइन में कैसे खड़े हो गए। हालांकि अभी उन्होंने इंकार भी नहीं किया है। अगर वो हमारा साथ देंगे तो ठीक है नहीं तो कोई बात नहीं। जनतादल यूनाइटेड (जदयू) और राष्ट्रीय लोकदल के गठबंधन से कई पार्टियां जुड़ रही हैं। इसका लाभ आने वाले चुनावों में मिलेगा। 
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कांग्रेस से गठबंधन के सवाल पर अजित सिंह ने कहा कि उत्तर प्रदेश में गठबंधन कांग्रेस की मजबूरी होगी। अगर वो चाहें तो हमारे साथ आ सकते हैं लेकिन हमारी तरफ से कोई पहल अब नहीं की जाएगी। क्योंकि हमारे साथ आने से कांग्रेस को ही फायदा हो सकता है। अजित सिंह ने कहा कि पार्टी जल्द ही अपनी सभी सीटों पर प्रत्याशियों का एलान करने जा रही है। चयन प्रक्रिया लगभग पूरी कर ली गई है।      
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