मथुरा। लगातार हो रही बारिश और जलभराव के बीच शहर में टाइफाइड के मरीजों की संख्या बढ़ने लगी है। मानसून के दौरान दूषित पानी, खुले में बिकने वाले खाद्य पदार्थ और अस्वच्छ खानपान संक्रमण फैलने का प्रमुख कारण बन रहे हैं। जिला अस्पताल में पिछले सात दिनों में 10 मरीजों में टाइफाइड संक्रमण की पुष्टि हुई है।
जिला अस्पताल के सीएमएस डॉ. नीरज अग्रवाल ने बताया कि मौसम में नमी और जगह-जगह जमा गंदा पानी बैक्टीरिया के पनपने के लिए अनुकूल वातावरण तैयार कर रहा है। यही कारण है कि अस्पताल की लैब में जांच कराने वाले मरीजों की संख्या में लगातार इजाफा हो रहा है। एक सप्ताह में 6268 मरीजों की 39,376 प्रकार की जांच की गईं। इनमें टाइफाइड, डेंगू, मलेरिया, वायरल बुखार और अन्य संक्रमण संबंधी जांचें शामिल हैं। जांच रिपोर्ट में टाइफाइड के 10 मरीजों की पुष्टि होने के बाद स्वास्थ्य विभाग ने लोगों से विशेष सतर्कता बरतने की अपील की है।
फिजिशियन डॉ. रवि माहेश्वरी के अनुसार टाइफाइड साल्मोनेला टाइफी नामक बैक्टीरिया से होने वाला संक्रामक रोग है, जो मुख्य रूप से दूषित भोजन और पानी के माध्यम से फैलता है। लगातार तेज बुखार, सिरदर्द, कमजोरी, भूख कम लगना, पेट दर्द, उल्टी, दस्त या कब्ज इसके प्रमुख लक्षण हैं। समय पर जांच और उपचार न मिलने पर यह बीमारी गंभीर रूप ले सकती है और मरीज को लंबे समय तक उपचार की आवश्यकता पड़ सकती है।
चिकित्सकों ने सलाह दी है कि बारिश के मौसम में केवल शुद्ध या उबला हुआ पानी पिएं, खुले में बिकने वाले खाद्य पदार्थों से परहेज करें और बुखार तीन दिन से अधिक रहने पर तुरंत चिकित्सक से परामर्श लेकर आवश्यक जांच कराएं। स्वास्थ्य विभाग ने बताया कि अस्पतालों में जांच और उपचार की पर्याप्त व्यवस्था की गई है तथा लोगों को स्वच्छता और सुरक्षित पेयजल के उपयोग के प्रति जागरूक किया जा रहा है।
चिकित्सकों ने बताए बचाव के उपाय
केवल उबला हुआ या शुद्ध पानी ही पिएं।
खुले में बिकने वाले कटे फल, चाट, गोलगप्पे और अन्य खाद्य पदार्थों से परहेज करें।
भोजन को अच्छी तरह पकाकर और ढक कर रखें।
खाना खाने से पहले और शौच के बाद साबुन से हाथ धोएं।
घर के आसपास जलभराव और गंदगी न होने दें।
तीन दिन से अधिक बुखार रहने पर स्वयं दवा लेने के बजाय तुरंत अस्पताल में जांच कराएं।
चिकित्सक की सलाह के बिना एंटीबायोटिक दवाओं का सेवन न करें।
दिनांक
जांच कराने वाले मरीजों की संख्या
30 जुलाई
943
31 जुलाई
951
01 अगस्त
981
02 अगस्त
08
03 अगस्त
1297
04 अगस्त
1005
05 अगस्त
1083