मथुरा। बलदेव के यमुना एक्सप्रेस-वे पर हुए हादसे में जान गंवाने वाले बांदा के रहने वाले ऋषभ विश्वकर्मा (16) की डीएनए रिपोर्ट से शिनाख्त के बाद परिजन ने नम आंखों से ध्रुव घाट पर अंतिम संस्कार किया। इसके बाद यमुना में अस्थियां विसर्जित कर दीं। परिजन का मानना है कि पावन भूमि में अंतिम संस्कार होने से ऋषभ की आत्मा को शांति मिलेगी।
बांदा के थाना जसपुरा गांव रैपुरा निवासी ऋषभ विश्वकर्मा और उनके पिता देवराज 16 दिसंबर को कानपुर से दिल्ली अपने परिवार के पास जा रहे थे। दोनों काम की तलाश में दिल्ली के लिए रवाना हुए थे लेकिन बलदेव क्षेत्र में हादसे का शिकार हो गए। ऋषभ व देवराज दर्जनभर गाड़ियों में लगी आग की चपेट में आ गए। ऋषभ की मौके पर ही मौत गई, जबकि देवराज गंभीर रूप घायल हो गए। वर्तमान में उनका आगरा के एसएन मेडिकल कॉलेज में इलाज चल रहा है। ऋषभ के अवशेष लेने मथुरा पहुंचे ताऊ राजीव शर्मा ने बताया कि देवराज का 45 फीसदी शरीर झुलस गया है। वह गंभीर घायल हैं। वहीं ऋषभ के अवशेष मिलने के बाद उन्होंने यहीं अंतिम संस्कार करने का निर्णय लिया। राजीव शर्मा ने बताया कि घर पर कोई नहीं है, परिवार दिल्ली में किराये पर रहता है। पावन भूमि मथुरा में अंतिम संस्कार करने से ऋषभ की आत्मा को शांति मिलेगी।