गोकुल बैराज डूब क्षेत्र से प्रभावित किसानों की जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया में रोड़ा बन रहे तीन गांवों का नक्शा प्रशासन ने तैयार कर लिया है। इन गांवों का राजस्व रिकार्ड खंगालते हुए सर्वे के आधार पर नक्शा तैयार कर शासन को स्वीकृति के लिए भेज दिया गया है।
गौरतलब रहे कि गोकुल बैराज डूब क्षेत्र में आसपास के 12 गांव के किसानों की जमीन प्रभावित है। इसके मुआवजे के लिए किसान 16 वर्ष से इंतजार कर रहे हैं। जिम्मेदार प्रशासनिक अफसरों की अनदेखी के चलते किसानों में आक्रोश भड़क गया था, एक नवंबर 2014 को आगजनी की घटना हुई। अब इस समस्या को सुलझाने में जुटे जिला प्रशासन को दो बड़ी कामयाबी मिल चुकी हैं। इसमें पांच गांव की जमीन का अधिग्रहण करने के लिए शासन ने धारा छह की कार्रवाई को पिछले माह स्वीकृति प्रदान कर दी थी। अब जिला प्रशासन ने उन तीन गांवों के राजस्व नक्शा भी तैयार कर लिए हैं जो अब तक अधिग्रहण की कार्रवाई में बड़ा रोड़ा बने हुए थे। इसमें गांव राजपुर, ईशापुर, मुर्शीदपुर शामिल हैं।
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संभावना है जल्द ही राजपुर, ईशापुर और मुर्शीदपुर के तैयार किए गए राजस्व नक्शे को शासन की स्वीकृति मिल जाएगी। इसके आधार पर जमीन अधिग्रहण की आगामी प्रक्रिया को अमल में लाया जाएगा।
- राजेश कुमार, डीएम मथुरा
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दामोदरपुरा में किसानों का धरना जारी
मथुरा। गोकुल बैराज डूब क्षेत्र से प्रभावित किसानाें का मुआवजा और किसानों पर लगे मुकदमों को खत्म करने की मांग को लेकर गांव दामोदरपुरा में दिया जा रहा धरना गुरुवार को भी जारी रहा। यहां किसान परिवार 82 दिन से धरनारत हैं। इसमें 70 दिन से क्रमिक अनशन भी किया जा रहा है। गुरुवार को क्रमिक अनशन पर मोहन सिंह और बिजेंद्र सिंह बैठे। अध्यक्षता रामचरन धनगर और संचालन वीरेंद्र सिंह सिकरवार ने किया। इस दौरान किसानों ने मुआवजा और मुकदमों को खत्म करने की मांग जिला प्रशासन से की। इस मौके पर पातीराम, ताराचंद, नेमसिंह, लच्छो, खचेर सिंह, ओमप्रकाश, सोहनलाल, राकेश, पूरन सिंह, दीपदयाल, ओमकार, जितेन्द्र सिंह आदि मौजूद रहे।