वृंदावन। सुनरख क्षेत्र में बिजली की बदहाली ने अब आंदोलन का रूप ले लिया है। चैतन्य विहार बिजली घर के जोनाई फीडर से जुड़े हजारों उपभोक्ताओं और उद्यमियों ने अघोषित कटौती के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि पिछले 15 दिनों से क्षेत्र में 8 से 10 घंटे तक बिजली काटी जा रही है, जिससे आम जनजीवन के साथ-साथ व्यापार पूरी तरह ठप हो गया है। इसे लेकर क्षेत्रीय लोगों ने पागल बाबा बिजलीघर पर प्रदर्शन किया।
नगर निगम में शामिल सुनरख क्षेत्र भले ही जिला प्रशासन के दस्तावेजों में शहरी क्षेत्र में हो, लेकिन विद्युत निगम के दस्तावेजों में ग्रामीण क्षेत्र में ही शामिल है। यही कारण है कि चैतन्य विहार बिजलीघर से सुनरख क्षेत्र को मात्र 18 घंटे विद्युत आपूर्ति देने का प्रावधान है। क्षेत्र में घरों के साथ कई होटल और रेस्टोरेंट स्थापित हैं। अघोषित 8 से 10 घंटे की विद्युत कटौती से परेशान लोगों ने पागल बाबा बिजलीघर पर प्रदर्शन कर रोष व्यक्त किया। लगातार हो रही कटौती के कारण होटल उद्योग बंद होने की कगार पर है। श्याम एवं साहब सिंह ने कहा कि एक तरफ तो उन्हें भारी-भरकम कमर्शियल बिल थमाए जा रहे हैं और दूसरी ओर बिजली की उपलब्धता शून्य के बराबर है। प्रदर्शन करने वालों में श्याम, साहब सिंह, गुड्डू, होशियार सिंह, महेंद्र, दिनेश, रमेश, भूपेंद्र, राहुल, अजीत, लालमन सिंह, लखन, वीरेंद्र, महावीर, धर्मसिंह, अनिल, आशीष, कल्लू आदि मौजूद रहे।
अधिकारियों के जवाब से बढ़ा आक्रोश
वृंदावन। स्थानीय लोग अपनी शिकायत लेकर बिजलीघर के अधिकारियों के पास पहुंचते हैं, तो उन्हें समाधान के बजाय कम राजस्व का तर्क दिया जाता है। अधिकारियों का कहना है कि क्षेत्र से पर्याप्त राजस्व नहीं मिल रहा, इसलिए कटौती की जा रही है। इस गैर-जिम्मेदाराना जवाब ने जलती आग में घी का काम किया है। लोगों ने प्रदर्शन के दौरान चेतावनी दी है कि या तो बिजली की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित की जाए अन्यथा लोग सड़कों पर उतरकर बड़े स्तर पर चक्का जाम और आंदोलन करने को मजबूर होंगे।
अधिशासी अभियंता अनिल कुमार कपिल ने कहा कि सुनरख क्षेत्र में चैतन्य विहार बिजलीघर से ग्रामीण क्षेत्र के अनुसार 18 घंटे विद्युत आपूर्ति की जा रही है। इस क्षेत्र से 40 प्रतिशत लोग ही विद्युत बिल जमा करते हैं। उन्होंने बताया कि इस संबंध में अधीक्षण अभियंता से बात की गई है। सर्वे कराकर इसे नगर निगम क्षेत्र में शामिल होने पर शहरी क्षेत्र में लाया जाएगा। सर्वे में यह भी पता किया जाएगा कि विद्युत बिल किस कारण शत प्रतिशत जमा नहीं कर रहे हैं। सर्वे के बाद व्यवस्था में सुधार किया जाएगा।