धर्म और आस्था की नगरी मथुरा के चौराहों की सूरत बदलने वाली है। इन्हें धार्मिक नगरी के अनुरूप खूबसूरती प्रदान की जाएगी और इन्हें जोड़ने वाली सड़कों की मरम्मत की जाएगी। पहले चरण में इसके लिए शहर के हृदयस्थल कहे जाने वाले होलीगेट सहित तीन चौराहों को चिन्हित किया गया है।
होलीगेट भगवान श्रीकृष्ण की जन्मस्थली की अंदरूनी पहचान है। इसे शहर का हृदयस्थल भी कहा जाता है। इसकी स्थापना करीब सवा सौ साल पहले ब्रिटिश शासनकाल में की गई थी। 1947 में आजाद भारत में शहर के लोगों ने इसी स्थान पर तिरंगा फहराते हुए इसे तिलकद्वार नाम दिया। वर्तमान में इसका रंग फीका हो चुका है, जिसे निखारने की योजना पर काम किया जा रहा है। अब इस स्थान को खूबसूरत बनाने की योजना है। इसके लिए यातायात को देखते हुए चौराहे की डिजाइन तैयार हो रही है।
होलीगेट के सौंदर्यीकरण का जिम्मा पालिका संभाल रही है। इसके अलावा भूतेश्वर तिराहा को भी खूबसूरत बनाने की योजना है। यह स्थान श्रीकृष्ण जन्मस्थान के बेहद निकट हैं। साथ ही श्रीकृष्ण जन्मस्थान के लिए एक एंट्री प्वाइंट भी है। ऐसे में इसे भी खूबसूरत बनाने की तैयारी हो रही है। कुछ साल पहले इस पर श्रीजी बाबा ट्रस्ट ने काम किया था। अब इसके लिए ट्रस्ट को ही नई डिजाइन तैयार करने के लिए सहमत किया जा रहा है।
इस तिराहा को खूबसूरती प्रदान करने के लिए पर्याप्त स्थान होने के कारण उसी के अनुरूप धार्मिक स्वरूप में डिजाइन तैयार कराई जा रही है। शहर को बाहरी क्षेत्र से जोड़ने वाले स्टैंट बैंक चौराहा को नई शक्ल में बदलने का काम मथुरा-वृंदावन विकास प्राधिकरण करने जा रहा है। इसे भी धार्मिक स्वरूप के अनुरूप नई शक्ल प्रदान की जाएगी। यहां स्थान और बढ़ाने के लिए पूर्व से लगे विद्युत ट्रांसफार्मर को भी हटाया जा रहा है।
नाम को लेकर कानूनी पेंच फंसने से यह सौंदर्यीकरण लंबे समय तक लटका रहा लेकिन अब मानसरोवर होटल स्वामियों को एमवीडीए उपाध्यक्ष नगेंद्र प्रताप ने नए स्वरूप के लिए सहमत कर लिया है। संभावना है कि जल्द ही इस पर काम भी शुरू हो जाएगा।
अतिक्रमण हटाए जाने के बाद शहर को खूबसूरती प्रदान करने की प्लानिंग पर काम हो रहा है। इसके लिए प्रथम चरण में तीन चौराहों का चयन किया गया है, जिनका सौंदर्यीकरण किया जाना है। इसमें होलीगेट को शहर की पहचान के रूप में नई शक्ल दी जाएगी।
राजेश कुमार
डीएम