गांव मुवारिकपुर स्थित सामुदायिक शौचालय में मरम्मत कार्य करते कर्मचारी।
नौहझील। ब्लॉक के गांव मुवारिकपुर में पिछले आठ वर्षों से ताले में बंद और उपेक्षा का शिकार होकर खंडहर बनते जा रहे सामुदायिक शौचालय की सुध आखिरकार जिम्मेदार अधिकारियों ने ले ही ली। अमर उजाला में खबर प्रकाशित होने के बाद प्रशासन ने शौचालय के कायाकल्प का कार्य प्रारंभ करा दिया गया है।
अमर उजाला ने 29 अगस्त के अंक में ‘सरकारी व्यवस्था ने कर दी इज्जत घर की बेइज्जती’ शीर्षक से खबर प्रकाशित की थी। इसके माध्यम से प्रशासनिक तंत्र की लापरवाही और लाखों की लागत से बने इज्जत घर के आठ साल से ताले में बंद होने की सच्चाई सामने रखी गई थी। खबर के बाद पंचायती राज विभाग में हड़कंप मच गया और उच्चाधिकारियों ने मामले में हस्तक्षेप किया।
एडीओ पंचायत सतीश चंद्र शर्मा के निर्देशों पर विभागीय टीम तत्काल मुवारिकपुर गांव पहुंची। कर्मचारियों ने शौचालय परिसर में उगी झाड़ियों और गंदगी की सफाई कराने के साथ ही दीवारों की टूट-फूट और अन्य कमियों को दुरुस्त करने का काम शुरू कर दिया है। वर्षों पुरानी समस्या का समाधान होता देख ग्रामीणों के चेहरे खिल उठे हैं। एडीओ पंचायत ने बताया कि मरम्मत कार्य जल्द पूरा कर इसे ग्रामीणों की सुविधा के लिए चालू कराया जाएगा।