वृंदावन। हरिवंश नगर से अटल्ला चुंंगी चौराहा तक 18 साल पुरानी जर्जर सीवर लाइन से निजात मिलने जा रही है। नगर निगम द्वारा डेढ़ रुपये की लागत से नई लाइन डालने का कार्य शुरु कर दिया है। भूमिगत लाइन से आए दिन धंसने वाले मथुरा मार्ग को गड्ढों से निजात मिलेगी वहीं नगर की तीन काॅलोनियों का सीवर का दूषित पानी शोधन के लिए सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट तक पहुंच सकेगा।
जलनिगम ने वर्ष 2008 में नगर की घनी बस्ती के बीच में हरिवंश नगर के उद्योगों और घरों के दूषित पानी को एसटीपी तक पहुंचाने के लिए सीवर लाइन डाली थी। वह लाइन जर्जर होकर जगह-जगह से क्षतिग्रस्त हो गई है। सीवर के क्षतिग्रस्त होने से मथुरा मार्ग जगह-जगह से धंस गया और गड्ढे हो गए। इसे देखते नगर निगम ने लगभग डेढ़ करोड़ रुपये से सीवर लाइन बदलने की योजना तैयार की है। योजना को स्वीकृति मिलने पर हरिवंश नगर वंशीवाला से लेकर अटल्ला चुंगी चौराहा तक 400 मीटर लंबी भूमिगत सीवर लाइन डालने का कार्य शुरू कर दिया है। 300 एमएम व्यास की एचडीपीई पाइप लाइन को भूमिगत करने से पहले जोड़ने का कार्य शुरू हो गया है। लाइन को जोड़ने के बाद इसे भूमिगत किया जाएगा। लाइन को राजपुर स्थित सीवेज पंपिंग स्टेशन से जोड़ा जाएगा।
अपर नगर आयुक्त सीपी पाठक ने बताया कि 18 साल के बाद लगभग डेढ़ करोड़ की लागत से सीवर लाइन डालने का कार्य शुरू कर दिया है। इस लाइन के डलने से गिरिराज नगर, हरिवंश नगर, ब्रजधाम काॅलोनी, ललित नगर काॅलोनी का सीवर का दूषित पानी शोधन के लिए एसटीपी तक पहुंचेगा। पुरानी सीवर लाइन से मार्ग के क्षतिग्रस्त होने की परेशानी से भी निजात मिलेगी।
-
इन काॅलोनियों को मिलेगा सीधा लाभ
नगर निगम की योजना से शहर की चार प्रमुख कॉलोनियों की सूरत बदलने वाली है। नई सीवर लाइन डलने के बाद चार क्षेत्रों का दूषित पानी सीधे शोधन के लिए एसटीपी तक पहुं सकेगा। इनमें गिरिराज नगर, हरिवंश नगर, ब्रज धाम कॉलोनी, ललित नगर शामिल हैं।
-
मथुरा मार्ग के गड्ढों से मिलेगा छुटकारा
जलनिगम द्वारा वर्ष 2008 में डाली गई पुरानी सीवर लाइन पूरी तरह जर्जर हो चुकी थी। इसके क्षतिग्रस्त होने के कारण सीवेज का पानी रिसकर सड़क की नींव को कमजोर कर रहा था, जिससे मथुरा मार्ग जगह-जगह से धंस जाता था। इन गहरे गड्ढों के कारण आए दिन राहगीर चोटिल हो रहे थे और वाहनों को भी नुकसान पहुंच रहा था। नई लाइन डलने से सड़क धंसने की समस्या समाप्त हो जाएगी।
-
आधुनिक पाइपों का प्रयोग और तकनीकी बारीकियां
परियोजना में उच्च गुणवत्ता वाली 300 एमएम व्यास की एचडीपीई पाइप लाइन का उपयोग किया जा रहा है, जो अपनी मजबूती और लंबी उम्र के लिए जानी जाती है। वर्तमान में पाइपों को जोड़ने (फ्यूजन) का कार्य चल रहा है, जिसके तुरंत बाद इन्हें जमीन के भीतर स्थापित किया जाएगा।