मथुरा। जनपद की ग्राम पंचायतों में साफ-सफाई के लिए आई धनराशि का दुरुपयोग करने का मामला सामने आया है। केंद्र सरकार के 15वें वित्त आयोग द्वारा जारी की गई इस धनराशि के मामले में जिलाधिकारी ने चार ग्राम प्रधानों और सचिवों को नोटिस जारी किए हैं। आदेश के अनुसार सभी से आधी-आधी धनराशि वसूली जाएगी।
ग्राम पंचायतों के लिए आए टाइड फंड के दुरुपयोग मामले में जिलाधिकारी चंद्र प्रकाश सिंह ने सख्त कार्रवाई करते हुए ब्लॉक नौहझील की ग्राम पंचायत अहमदपुर के तत्कालीन ग्राम पंचायत सचिव रुपेंद्र और ग्राम प्रधान कृष्णा देवी से कुल 1,31,300 रुपये की वसूली के आदेश जारी किए हैं। इस धनराशि का उपयोग केवल स्वच्छता एवं पेयजल संबंधी कार्यों के लिए किया जाना था। जांच में पाया गया कि ग्राम पंचायत अहमदपुर में कराया गया कार्य शासन की निर्धारित मार्गदर्शिका के विपरीत है। दोनों से 65,650-65,650 रुपये पंचायती राज विभाग के खाते में जमा कराने होंगे। इसी प्रकार सिंघौनी में ग्राम प्रधान पवन और सचिव मौ. रफीक ने 1,00,100 रुपये की धनराशि का दुरुपयोग किया। रामगढ़ी में ग्राम प्रधान पवन और सचिव मौ. रफीक ने 49,163 रुपये की धनराशि का दुरुपयोग किया है। ब्लॉक फरह की ग्राम पंचायत कोह में भी प्रधान हरनाम सिंह और सचिव जुगेंद्र सिंह ने 33,7000 रुपये की धनराशि से दो कार्य कराए। आदेश के अनुसार, इन सभी ग्राम प्रधानों और सचिवों से 30 दिनों में वसूली की जाएगी।