जवाहर बाग हिंसा के सूत्रधार रामवृक्ष के संबंध में पुलिस बहुत जल्दी में रही। तीन जून को मथुरा पहुंचे डीजीपी जावीद अहमद ने इशारा कर दिया था कि रामवृक्ष मारा गया है। चार जून की सुबह को एसएसपी ने उसकी गिरफ्तारी पर पांच हजार का इनाम रख दिया। इसी दिन उसकी पहचान भी हो गई। पुलिस ने आनन-फानन में पोस्टमार्टम कराया और शव का अंतिम संस्कार करा दिया। अब पुलिस की यह जल्दबाजी ही उसके लिए मुसीबत खड़ा करेगी। क्योंकि पुलिस के पास उसकी मौत का कोई वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है।
जवाहर बाग में 2 जून की शाम को साढ़े पांच बजे हिंसा हुई थी। इस हिंसा में एसपी सिटी और एक थानाध्यक्ष समेत 29 लोगों की मौत हो गई थी। मरने वालों की संख्या का एलान 3 जून को पहुंचे डीजीपी जावीद अहमद और प्रमुख सचिव गृह ने किया था। डीजीपी ने यह भी कहा था कि संभवत: रामवृक्ष मारा गया है। अगर फरार होगा तो पुलिस जल्द पकड़ लेगी। तमाम पुलिस अधिकारियों ने भी नाम न छापने की शर्त पर उसकी मौत की पुष्टि कर दी थी। लेकिन घोषणा नहीं की जा रही थी।
चार जून को तत्कालीन एसएसपी डा. राकेश कुमार ने शाम को करीब 4 बजे रामवृक्ष की गिरफ्तारी पर 5 हजार का इनाम घोषित कर दिया। इसी दिन शाम को 7 बजे पुलिस ने मोर्चरी पर रखे एक शव की पहचान रामवृक्ष के रूप में करा ली। पुलिस का दावा है कि हमने 72 घंटे इंतजार किया और परिवार वालों को सूचना भी भेजी लेकिन कोई नहीं पहुंचा तो 7 जून को शव का अंतिम संस्कार करा दिया गया।
बेटी शव मांग रही थी मगर पुलिस ने नहीं दिया
रामवृक्ष के अधिवक्ता तरुणी कुमार गौतम का कहना है कि उनके पास दिल्ली से फोन आया था। रामवृक्ष की बेटी गुड़िया बात कर रही थी। वह कह रही थी कि जैसा कहा जा रहा है कि उसके पिता मर गए हैं तो वह पुलिस से बात करके उनका शव दिलवा दें।
इस पर अधिवक्ता ने एक प्रार्थनापत्र पुलिस अधिकारियों को लिखा। लेकिन पुलिस अफसरों ने शव देने से ही इंकार कर दिया था। जबकि गुड़िया ने कहा था कि वह दिल्ली से तीन घंटे में मथुरा आ जाएगी। मगर पुलिस ने आनन-फानन में अंतिम संस्कार करा दिया।
14 मुकदमों में क्या रिपोर्ट देगी पुलिस
रामवृक्ष यादव पर जानलेवा हमला, मारपीट, रंगदारी मांगना, सरकारी कार्य में बाधा, पेड़ काटने समेत 14 मुकदमे चल रहे हैं। अब सवाल यह बनता है कि पुलिस इन मुकदमों में क्या रिपोर्ट देगी। क्योंकि रामवृक्ष की मौत की वैज्ञानिक पुष्टि तो हर मुकदमे में पेश करनी होगी। यह पुलिस के पास है नहीं।
गुरुवार को एडीजे नौ विवेकानंद सरन त्रिपाठी की अदालत ने रामवृक्ष के एक मुकदमे की सुनवाई करते हुए आदेश दिया है कि जब तक मौत का कोई वैज्ञानिक प्रमाण नहीं दिया जाएगा तब तक नहीं मान सकते कि उसकी मौत हो गई है। हालांकि एसएसपी बबलू कुमार का कहना है कि हमारे पास डीएनए सैंपल हैं, जांच करा लेंगे।