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यूपी: राया के पटाखा बाजार अग्निकांड में झुलसे साले और बहनोई सहित एक किशोरी की भी मौत, आठ हुई मृतकों की संख्या

Sat, 18 Nov 2023 09:54 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, मथुरा

सार

राया के गोपाल बाग में दिवाली के दिन आतिशबाजी बाजार में भीषण आग की चपेट में आने से एक किशोरी सहित अब तक आठ लोगों की जान जा चुकी है। मृतकों के आश्रितों को प्रशासन ने चार-चार लाख रुपये मुआवजा देने का एलान किया है।
 
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मथुरा के पटाखा बाजार में लगी आग - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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मथुरा में राया के गोपाल बाग में दिवाली के दिन आतिशबाजी बाजार में भीषण आग की चपेट में आए दो और व्यक्तियों ने बृहस्पतिवार रात दम तोड़ दिया। दोनों आपस में साला-बहनोई थे। वहीं शनिवार की सुबह एक किशोरी की भी मौत हो गई। मृतकों में मुरसान (हाथरस) के बमनई निवासी लखन, नौहझील के मोहन सिंह और गोपाल बाग निवासी 12 वर्षीय किशोरी खुशी शामिल है। इससे पहले बुधवार रात मोहन सिंह के बेटे की मौत हो गई थी। दो बेटे व एक साला अभी गंभीर हालत में उपचाराधीन हैं। इस हादसे में अब तक आठ लोगों की मौत हो चुकी है, जिनमें से पांच एक ही परिवार से जुड़े हैं।
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बेटी की मौत से पसरा मातम
गोपाल बाग निवासी वीरेन्द्र की 12 वर्षीय बेटी खुशी भी इस अग्निकांड में गंभीर रूप से झुलस गई थी। शुक्रवार सुबह उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई। बेटी की मौत की खबर मिलते ही परिवार में मातम पसर गया। 

पांच लोग अभी उपचाराधीन
अग्निकांड के बाद से नौहझील के आजाद नगर निवासी मोहन सिंह जाटव के परिवार पर कहर टूट पड़ा है। आतिशबाजी बेचने के लिए दुकान लगाने गए मोहन सिंह, बेटा राजेश(17), बड़ा बेटा रिंकू (26) और जतिन (15) बुरी तरह झुलस गए थे। बृहस्पतिवार रात मोहन सिंह की मौत हो गई। बुधवार को राजेश ने दम तोड़ दिया था। रिंकू और जतिन अभी जिंदगी और मौत से जूझ रहे हैं। लगातार दो मौतों से मोहन सिंह की पत्नी फूलवती और बेटी रेखा पूरी तरह टूट चुकी हैं। शुक्रवार को मोहन सिंह का शव घर आया तो मां-बेटी रोते-रोते बेहोश हो गईं। सांत्वना देने वाले लोगों की भी रुलाई फूट गई। शाम को गमगीन माहौल में अंतिम संस्कार कर दिया गया।
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सुसराल और मायके में मातम
फूलवती का मायका बमनई में है। पति मोहन सिंह और तीनों बेटों के अलावा तीन सगे भाई और एक चचेरा भाई पटाखों की दुकान लगाने के लिए राया गए थे। ये सभी आग की चपेट में आने से गंभीर रूप से झुलस गए। फूलवती के भाई बमनई निवासी ठाकुरदास, सुशील अनिल और चचेरा भाई लखन भी आग में झुलस गए थे। सोमवार को ठाकुरदास और सुशील की मौत हो गई। इसके बाद बेटे राजेश और बृहस्पतिवार को पति मोहन सिंह व चचेरे भाई लखन की मौत हो गई। अनिल अभी उपचाराधीन हैं। पांच मौतों से दोनों घरों में मातम का माहौल है। इस हादसे से पहले दोनों ही घरों में खुशियों का माहौल था। मोहन सिंह बेटी के हाथ पीले करने की तैयारी कर रहा था, वहीं ठाकुर दास सहित तीनों भाई और पिता भात की तैयारी में जुटे थे। दोनों ही घरों के तीन लोग अब भी जिंदगी और मौत के बीच जूझ रहे हैं।

बेटे की चिता की राख ठंडी होने से पहले ही आई एक और मनहूस खबर
बृहस्पतिवार शाम राजेश का गमगीन माहौल में अंतिम संस्कार किया गया। ताऊ के बेटे ने मुखाग्नि दी। राजेश की चिता की राख ठंडी भी नहीं हुई थी कि रात में ही मोहन सिंह की मौत की खबर आ गई। इसकी जानकारी जिसको भी हुई, सुबह तक सो नहीं पाया। सुबह होते ही लोग फूलवती और बेटी रेखा का सांत्वना देने के लिए उनके घर जुट गए, लेकिन उनकी हालत देखकर वे भावुक हो उठे। फूलवती और रेखा के मुंह से कुछ नहीं निकल रहा था, वे अर्द्ध बेहोशी की हालत में थीं। पड़ोस की महिलाएं उन्हें संभाल रही थी।

मित्रों से मिलने का भिजवा रहा संदेश
एम्स में उपचाराधीन रिंकू अपने मित्रों से मिलने की इच्छा जाहिर करते हुए संदेश भिजवा रहा है। गांव से उसके मित्र एम्स पहुंच रहे हैं, दोस्तों को देखकर रिंकू की आंखों से आंसू बह रहे हैं। एम्स में भर्ती दोनों भाइयों को अब तक यह नहीं बताया गया कि उनके पिता और भाई की मौत हो गई है। उन्हें यह भी नहीं पता कि उनके दो मामा भी नहीं रहे हैं।
 

कौन उठाएगा डोली, कौन भरेगा भात
मोहन सिंह ने बेटी रेखा की शादी कुछ समय पहले ही तय की थी। देवोत्थान के बाद 26 नवंबर को सगाई और 28 को शादी का मुहूर्त निकला था। धूमधाम से शादी कर सके, इसके लिए दोनों ही परिवार तैयारियों में जुटे थे, लेकिन दो सगे मामा नहीं रहे। पिता और एक भाई की मौत हो चुकी है और दो भाई उपचाराधीन हैं। इन हालातों के देखकर सभी की जुबां पर यही बात थी कि रेखा की शादी में अब कौन डोली उठाएगा और कौन भात भरेगा परिवार के नियति ने जो खेल खेला है, उसने सबक झकझोर दिया है।

परिवार में सबसे छोटा था लखन
बमनई निवासी सरनाम सिंह के चार बेटे वीरपाल, पुष्पेंद्र, संदीप व लखन है। वीरपाल व पुष्पेंद्र की शादी हो चुकी है। संदीप और लखन की शादी होना बाकी थी। लखन परिवार में सबसे छोटा था। अग्निकांड के बाद से ही लखन के भाई व पिता आगरा अस्पताल में उसके बारे में हर पल की खबर ले रहे थे। लखन पढ़ाई के साथ भाइयों के साथ मिलकर मजदूरी भी करता था।
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अग्निकांड की जांच अब एडीएम प्रशासन और एसपी ग्रामीण करेंगे
राया में दिवाली के दिन अग्निकांड की जांच अब एडीएम प्रशासन और एसपी ग्रामीण की संयुक्त समिति करेगी। इससे पहले गठित तहसील स्तरीय जांच समिति को निरस्त कर दिया गया है। जिलाधिकारी शैलेंद्र कुमार सिंह के अनुसार राया के खुले मैदान गोपाल बाग में आतिशबाजी पटाखों की 23 दुकानों में से 7 दुकानों में आग लग गई थी। हादसे में कुल 17 लोग झुलस गए थे। इनमें से 12 की हालत गंभीर होने के कारण दिल्ली और आगरा रेफर किया गया था। इस घटना की जांच के लिए गठित एसडीएम मांट और सीओ महावन की समिति को निरस्त कर अब अपर जिलाधिकारी (प्रशासन) एवं पुलिस अधीक्षक (ग्रामीण) की संयुक्त जांच समिति गठित की गई है। समिति घटना के कारणों की जांच, किस स्तर पर शिथिलता बरती गई और भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो इस संबंध में सुझाव व रिपोर्ट एक सप्ताह में देंगे 

प्रशासन ने की है 4-4 लाख मुआवजा देने की घोषणा
मृतकों के आश्रितों को प्रशासन चार-चार लाख रुपये मुआवजा देगा। दैवीय आपदा कोष से इस सहायता राशि को दिया जाएगा। डीएम शैलेद्र कुमार सिंह ने बताया कि शासन को इस घटना की गंभीरता से अवगत कराते हुए मृतकों के परिजनों की आर्थिक स्थिति बताई गई है, जिसके बाद शासन ने मृतक आश्रितों को चार-चार लाख रुपये मुआवजा देने की मंजूरी दे दी है।
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