श्रीकृष्ण जन्मोत्सव से पहले जन्मस्थान पर रासलीला की शुरुआत हो गई है। कार्ष्णि विश्वबंधु महाराज ने सोमवार को श्रीराधाकृष्ण के स्वरूप की आरती उतारकर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। जन्मस्थान पर दर्शन करने आए श्रद्धालुओं के कदम रासलीला देखने के लिए थम गए।
25 अगस्त को श्रीकृष्ण जन्मोत्सव से पहले श्रीकृष्ण जन्मस्थान के लीलामंच पर सोमवार को चंद्रावलि छलंत लीला हुई। इसमें राधारानी की अष्ट सखियों में से एक चंद्रावलि को श्रीकृष्ण द्वारा छलना दिखाया गया। दूध-दही बेचने जाने वाली गोपियों को रोककर दही-दूध की मांग करने वाले श्रीकृष्ण को धोखा देकर भाग जाती हैं। इसके बाद श्रीकृष्ण गोपियों का रूप धारण करके उनके पास पहुंच जाते हैं। यहां चंद्रावलि को छलते हैं। इस लीला का जन्मस्थान के लीलामंच से प्रदर्शन किया गया।
रासलीलाओं के प्रदर्शन का यह क्रम जन्माष्टमी तक चलेगा। स्वामी श्रीराम शर्मा निमाई ने रासलीला की आयोजन किया। इस मौके पर जन्मस्थान सेवा संस्थान के सचिव कपिल शर्मा, गोपेश्वरनाथ चतुर्वेदी, लक्ष्मणदास अग्रवाल, राजेंद्र खंडेलवाल, प्रदीप चौधरी, अनिल भाई ड्रेस वाले, उमेश प्रेस वाले, महेश प्रेस वाले आदि मौजूद रहे।