जवाहर बाग हिंसा के सूत्रधार रामवृक्ष की मौत के बाद माना जा रहा है कि स्वाधीन भारत विधिक संगठन पूरी तरह से खत्म हो गया है। अब प्रदेश के किसी भी जिले में इसका गठन नहीं बचा है। लेकिन खुफिया एजेंसियां अब इस तथ्य को फिर रिव्यू कर रही हैं। कुछ जनपदों से मिले इनपुट के बाद ऐसा कराया जा रहा है। प्रदेश के साथ मध्यप्रदेश और बिहार से भी जानकारियां हासिल की जा रही हैं।
सत्याग्रह के नाम पर भीड़ जुटाकर मध्यप्रदेश के सागर जिले से 11 जनवरी, 2014 को दिल्ली कूच का एलान करने वाला रामवृक्ष यादव मध्यप्रदेश और उत्तर प्रदेश के विभिन्न जनपदों से होते हुए मथुरा पहुंच गया था। उसने यहां जवाहर बाग में सत्याग्रह के लिए दो दिन की अनुमति मांगी और फिर कब्जा कर लिया।
दो जून को जवाहर बाग खाली कराते वक्त हुई हिंसा में दो पुलिस अधिकारी और रामवृक्ष यादव समेत 29 लोगों की मौत हो गई थी। पुलिस ने मामले में 101 लोगों को दोषी मानकर चार्जशीट दाखिल कर दी है। मामला अदालत में पहुंच गया है। सीबीआई जांच की मांग भी हो रही है। इधर खुफिया एजेंसियां रामवृक्ष के संगठन को लेकर चौकस हो गई हैं। रामवृक्ष ने पहले सुभाष सेना का गठन किया फिर स्वाधीन भारत विधिक संगठन बनाया। उत्तर प्रदेश, मध्यप्रदेश, बिहार और झारखंड में गठन कर लिया गया।
बाकायदा जिला प्रमुख नामित कर दिए गए थे। इनकी हर माह मीटिंग होती थी और मीटिंग की रिपोर्ट रामवृक्ष के पास तक भेजी जाती थी। इनके जरिए ही चंदा इकट्ठा किया जाता था। बताया गया कि फिलहाल चौकसी मध्यप्रदेश के कुछ जनपदों से मिले इनपुट के बाद बढ़ाई गई है। बताया जाता है कि रामवृक्ष की मुंहबोली बेटी भी मध्यप्रदेश में ही है।
रामवृक्ष के परिवार की होगी तलाश
रामवृक्ष यादव के परिवार की तलाश की जा रही है। हालांकि पुलिस ने चार्जशीट में रामवृक्ष के परिवार को क्लीन चिट दे दी है लेकिन विवेचना जारी है। एसएसपी बबलू कुमार का कहना है कि चंदनबोस और राकेश गुप्ता से पूछताछ के दौरान जो भी नाम सामने आए थे सभी से पूछताछ की जाएगी। इन सभी की भूमिका देखी जाएगी। आगरा निवासी आरएसएस के पूर्व पदाधिकारी का भी नाम आया था, उनके बारे में भी जांच चल रही है।