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ब्रज के विरक्त संत रमेश बाबा का स्वास्थ्य बिगड़ा, मान मंदिर अस्पताल में तब्दील

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मथुरा। ब्रज के विरक्त संत और पद्मश्री रमेश बाबा। - फोटो : MATHURA
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मथुरा। पद्मश्री से सम्मानित ब्रज के विरक्त संत रमेश बाबा का स्वास्थ्य ज्यादा बिगड़ गया है। उपचार के लिए हॉस्पिटल में भर्ती न रहने की उनकी हठ के चलते मान मंदिर को ही अस्पताल में तब्दील कर दिया गया है। फिलहाल उनसे किसी को मिलने भी नहीं दिया जा रहा। भक्ति वेदांत वृंदावन और दिल्ली के चिकित्सक संत रमेश बाबा का उपचार कर रहे हैं।
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84 वर्षीय संत रमेश बाबा पिछले दो-ढाई माह से बीमार चल रहे थे, लेकिन सात दिन पहले उनका स्वास्थ्य अचानक ज्यादा बिगड़ गया। तत्काल उन्हें बरसाना से मथुरा नयति हॉस्पिटल ले जाया गया, लेकिन संत रमेश बाबा उपचार के लिए भर्ती होने को तैयार नहीं हुए। ऐसी स्थिति में उन्हें चिकित्सा प्रदान करने के लिए बरसाना के मान मंदिर में ही अस्थाई चिकित्सालय की सुविधा प्रदान की जा रही है।
भक्ति वेदांत वृंदावन और दिल्ली के चिकित्सक फिलहाल उनका उपचार कर रहे हैं। बताया जाता है कि फेफड़ों में पानी भरने के कारण संत रमेश बाबा संक्रमण के शिकार हुए हैं। इस स्थिति को देखते हुए फिलहाल उनके अनुयायियों को भी संत रमेश बाबा से मिलने नहीं दिया जा रहा है। हालांकि राधाकांत शास्त्री ने बताया कि महाराज जी के स्वास्थ्य में पहले से सुधार है। जल्द ही वे पूरी तरह से स्वस्थ हो जाएंगे। चिकित्सक स्थानीय स्तर पर ही उपचार में जुटे हैं। महाराज जी किसी अस्पताल में जाने को तैयार नहीं हैं।
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ब्रज के होकर रह गए रमेश बाबा
भले ही रमेश बाबा की जन्मस्थली भगवान श्रीकृष्ण की जन्म और लीला स्थली न रही हो, लेकिन ब्रज भूमि आने के बाद उन्होंने कभी इसे नहीं छोड़ा। प्रयागराज में जन्मे रमेश बाबा करीब 1953 में मथुरा आए थे, इसके बाद वे यहीं के होकर रह गए। ब्रजवासियों को वे भगवान स्वरूप मानते हैं। उन्होंने कभी भी इस पवित्र भूमि के बाहर कदम नहीं रखे।
25 हजार गायों का कर रहे हैं पालन
संत रमेश बाबा द्वारा संचालित माताजी गोशाला में 25 से 30 हजार गायों का पालन होता है। इस गोशाला को देखने के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी बरसाना पहुंचे थे। कई आधुनिक प्रयोग इस गोशाला में गायों को बचाने के लिए किए जा रहे हैं।
रमेश बाबा ने छेड़ी यमुना प्रदूषण मुक्ति की मुहिम
संत रमेश बाबा ने ब्रज भूमि में प्रदूषित यमुना को प्रदूषण मुक्त करने की मुहिम अमर उजाला के साथ मिलकर छेड़ी थी। इस मुहिम में ब्रज ही नहीं संपूर्ण उत्तर प्रदेश जुड़ गया था। आसपास प्रदेशों की जनता भी बाबा के साथ इस मुहिम में खड़ी हो गई थी। अमर उजाला इस मुहिम का खास सहयोगी बना था।
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