मथुरा। अयोध्या पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले के दौरान भगवान श्रीकृष्ण की जन्म और लीला भूमि की शांति में किसी प्रकार का खनन न पड़े, इसे लेकर आरएसएस ने अपनी सक्रियता बढ़ा दी है। संघ परिवार से जुड़े लोगों को इस दौरान किसी भी प्रकार की टिप्पणी न करने के लिए भी कहा जा रहा है। इसी बिंदु पर संघ परिवार की बैठक रविवार को मथुरा और आगरा के मध्य होने जा रही है।
वर्तमान नवंबर माह के द्वितीय या तृतीय सप्ताह में सुप्रीम कोर्ट अयोध्या मसले पर अपना बहुप्रतिक्षित फैसला देने जा रहा है। इस दौरान धर्म और आस्था की नगरी मथुरा में शांत फिजा बनी रहे, इसे लेकर विभिन्न स्तर पर प्रयास शुरू हो गए हैं। खासकर ऐसे समय में यह फैसला होने जा रहा है, जब देश और प्रदेश में भाजपा की सरकार है। ऐसे में संघ की भूमिका बढ़ गई है। इसे भांपते हुए संघ ने अयोध्या फैसले से पहले ही आम लोगों के बीच अपनी भूमिका बढ़ा दी है।
स्वयंसेवक समाज के प्रमुख लोगों के घरों तक जा रहे हैं। यही नहीं, संघ परिवार से जुड़े भाजपा, विहिप, बजरंगदल, अभाविप सहित सभी संगठनों के पदाधिकारियों को लोगों के बीच जाने के निर्देश दिए गए हैं। सभी को यह भी हिदायत दी जा रही है कि कोई भी व्यक्ति इस दौरान किसी भी प्रकार की टिप्पणी आम लोगों के बीच या फिर सोशल मीडिया पर नहीं करेगा। सभी वर्गों के बीच आपसी सौहार्द बनाने की रणनीति के तहत रविवार को प्रमुख पदाधिकारियों की बैठक होने जा रही है। इसमें मथुरा के अलावा आगरा से जुड़े संघ परिवार के लोग भी शामिल होंगे।