रामलीला सभा द्वारा नगर में भगवान श्रीराम की बरात धूमधाम से निकाली गई। राम बरात में अपने आराध्य की एक झलक पाने को भक्तजन आतुर दिखे और जयश्रीराम के जयकारों के बीच भक्तों ने कदम-कदम पर पुष्पवर्षा कर बरात का स्वागत किया।
लाल दरवाजा स्थित बाटी वाली कुंज से बृजधाम सेवा समिति के संयोजन में राम बरात ने बैंडबाजे और सात दर्जन कलात्मक झांकियों के साथ प्रस्थान किया। बरात चौक बाजार में किशन चंद्र शर्मा चैरिटेबिल ट्रस्ट के तत्वावधान में मनोज शर्मा एवं बादल शर्मा के संयोजन में बनी अवधपुरी पहुंची। यहां स्वागत के बाद स्वामी घाट, छत्ता बाजार, होली गेट होते हुए कोतवाली रोड, भरतपुर गेट स्थित विशाल और भव्य जनकपुरी पहुंची। राम बरात की अगुवाई कर रहे सजे धजे ऊंट, घोड़े पर सवार झंडे हाथ में थामे भक्तजन जयकारे लगा रहे थे।
बरात का अनेक स्थानों पर आरती व पुष्प वर्षा कर नगरवासियों ने भव्य स्वागत किया गया। प्रभु राम एवं जानकी के विवाहोत्सव की लीला हुई। तिलकद्वार अग्रवाल धर्मशाला के संयोजन में जनकपुरी समिति द्वारा मुनि वशिष्ठ, विश्वामित्र व राजा दशरथ का स्वागत किया। प्रभु राम ने जैसे ही जानकी को वरमाला पहनाई, भक्तों में उल्लास छा गया और उच्च स्वर में जयकारे लगाकर खुशी जताई।
राम बरात में ये रहे मौजूद
राम बारात में जयन्ती प्रसाद अग्रवाल, रविकांत गर्ग, गोपेश्वर नाथ चतुर्वेदी, जुगलकिशोर अग्रवाल, नंदकिशोर अग्रवाल, मूलचंद गर्ग, विजय सराफ किरोड़ी, प्रदीप सर्राफ पीके, शैलेश अग्रवाल सर्राफ, अजय, पं शशांक पाठक, संजय, नगेंद्र मोहन मित्तल, अजयकांत गर्ग, अमित भारद्वाज, प्रेम सर्राफ, मदनमोहन श्रीवास्तव आदि मौजूद रहे।
राम बरात में यह निकली आकर्षक झांकियां
ढोल के थापों के बीच गणेश रथ, भगवान शिव, दुर्गा मां, राधकृष्ण, हनुमानजी, कैलाश देवी, बांकेबिहारी महाराज, खाटूश्याम, श्रीनाथजी, गिरिराज महाराज, बद्रीनाथ, यमुनाजी की आकर्षक झांकी निकाली गई। इसके अलाव काली अखाड़ा एवं भगवान विष्णु के अवतारों की झांकियां आकर्षक का केंद्र रही।