बीमारियों के लक्षण यदि समय से पहचान लिए जाएं, तो उनका उपचार आसान हो जाता है। ऐसी ही बीमारी है थायराइड। हालांकि कहा जाता है ये बीमारी महिलाओं में अधिक होती है, लेकिन अब पुरुष भी इससे ग्रसित हो रहे हैं।
महिलाएं ही नहीं पुरुष भी थायराइड की समस्या से ग्रस्त रहे हैं। आधुनिक जीवन शैली और संतुलित खानपान के कारण हार्मोंस के असंतुलित उत्पादन होने से थायराइड ग्रंथी बड़ा रूप ले लेती है। इसको नजरंदाज करनर खतरनाक हो सकता है।
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जिला अस्पताल में सेवा दे रहे डा. सिद्धार्थ धनगर ने बताया कि महिलाओं में थायराइड की बीमारी सामान्य तौर पर देखी जाती है। इसका बड़ा कारण गर्भावस्था एवं महावारी के समय हार्मोंस का असंतुलित होना है। समय पर दवा लेने से इसका उपचार हो जाता है, लेकिन अब पुरुषों में भी थायराइड की परेशानी सामने आ रही है। अस्पताल की ओपीडी में 15 से 30 मरीज प्रतिदिन सामने आ रहे हैं।
उन्होंने बताया कि इसका प्रमुख कारण लोगों द्वारा आधुनिक जीवन शैली को अपनाना, संतुलित भोजन न लेने के साथ ही आरामतलब हो जाना है या फिर शरीर में आयोडीन की मात्रा कम हो जाना भी इसका बड़ा कारण है। यदि गर्दन के निचले हिस्से में गांठ हो जाती है तो उसे नजरंदाज नहीं करना चाहिए। ऐसी स्थिति में डॉक्टर की सलाह लेना आवश्यक है। इसे नजरंदाज करने से कैंसर का खतरा भी बढ जाता है।
यह है थायराइड
डा. सिद्धार्थ के मुताबिक थायराइड की समस्या थायराइड ग्रंथि से जुड़ी है। यह तब होती है जब थायराइड ग्रंथि से हार्मोन का असामान्य उत्पादन होता है।थायराइड ग्रंथि गर्दन के सामने एक छोटी और तितली के आकार की ग्रंथि होती है। यह शरीर के कई महत्वपूर्ण कामों को नियंत्रित करती है। यह थायरोक्सिन (टी4) और ट्राईआयोडोथायोनिन (टी3) जैसे थायराइड हार्मोन का उत्पादन करके शरीर के कई महत्वपूर्ण कार्यों को नियंत्रित करती है। इस ग्रंथी में थायराइड का मुख्य काम व्यक्ति के खाए गए भोजन को ऊर्जा में बदलती है। इस बीमारी से बचाव के लिए संतुलित खानपान के साथ ही शारीरिक सक्रियता का होना बहुत जरुरी है। इसके अलावा जिन खाद्य पदार्थों में ज्यादा आयोडीन होता है, उससे बचना चाहिए।
थायराइड के लक्षण
सामान्य से अधिक तेज़ हृदय गति
सोने में कठिनाई
तेजी से वजन बढ़ना या घटना
गर्मी के प्रति संवेदनशील महसूस करना चिपचिपी या पसीने वाली त्वचा
चिंतित, चिड़चिड़ा या घबराहट महसूस करना
पैरों में दर्द रहना
गंजापन