सावन माह के पहले सोमवार को ठाकुर द्वारिकाधीश मंदिर में राजाधिराज ने सोने एवं चांदी के हिंडोला में विराजमान हुए। इस दौरान भारी संख्या में भक्तों की भीड़ ने राजाधिराज के दिव्य दर्शन का लाभ उठाया।
मथुरा में पुष्टिमार्गीय संप्रदाय के ठाकुर द्वारिकाधीश मंदिर में सावन मास के पहले दिन सोमवार को राजाधिराज ने सोने एवं चांदी के हिंडोला में विराजमान होकर भक्तों को दर्शन दिए। मंदिर के प्रवेश द्वार के पास स्थापित हिंडोलों में विभिन्न स्वरूप में आराध्य के दर्शन कर भक्तजन निहाल हुए और जयकारे लगाने लगे।
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श्रीद्वारिकाधीश मंदिर के प्रवेश द्वार के पास सवा मन सोने से बने आकर्षक हिंडोले में राजाधिराज ने भगवान मुरली मनोहर के रूप में विराजमान होकर दर्शन दिए। सोने के हिंडोला के दोनों ओर सवामन चांदी से बने दो हिंडोलों में एक तरफ भगवान राधकृष्ण और दूसरी तरफ लड्डू गोपाल विराजमान हुए। आराध्य की मनोहारी स्वरूप के दर्शनों की एक झलक पाने के लिए भक्तजन आतुर दिखे।
भक्तजन पहले आराध्य के दर्शन पाने की चाहत में आगे बढ़ते नजर आए। शाम को आधे घंटे हिंडोला में विराजमान राजाधिराज के स्वरूपों के दर्शन कर श्रद्धालु आनंदित होकर जयकारे लगाने लगे। श्रीद्वारिकाधीश मंदिर के मीडिया प्रभारी राकेश तिवारी ने बताया कि सावन मास के सभी कार्यक्रमों का निर्धारण मंदिर में हो चुका है।
इन सभी कार्यक्रमों का निर्धारण मंदिर के गोस्वामी डॉक्टर वागीश कुमार महाराज के आदेश पर मंदिर के गोस्वामी वेदांत कुमार महाराज एवं सिद्धांत कुमार महाराज के निर्देशन में होता है। पूरे सावन मास में ठाकुरजी प्रतिदिन हिंडोला में विराजमान होकर दर्शन देते हैं।