मथुरा। बारिश का मौसम नवजात शिशुओं के लिए सबसे अधिक खतरनाक है। सर्दी के मौसम में परिजन नवजात को पूरे कपड़े पहना कर रखते हैं। गर्मी में नवजात के स्वास्थ्य पर ज्यादा असर नहीं पड़ता है, लेकिन बारिश के दाैरान मौसम ठंडा हो जाता है और धूप निकलने पर गर्म। महिला जिला अस्पताल की ओपीडी में नवजातों की संख्या में इजाफा हुआ है।
जिला महिला अस्पताल के बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. ओमप्रकाश ने बताया कि सर्दी, गर्मी की अपेक्षा नवजातों के लिए बारिश का मौसम ज्यादा परेशान करता है। इस माैसम में उसे सर्दी, जुकाम तथा बुखार की समस्या सबसे ज्यादा होती है। इसलिए इस मौसम में बच्चों को अधिक देखभाल की आवश्यकता होती है। माता-पिता को बच्चे को ऐसे स्थान पर सुलाना चाहिए, जहां का वातावरण एक जैसा रहे। डॉ. ओमप्रकाश ने बताया कि वैसे तो अस्पताल की ओपीडी 200 के करीब होती है, लेकिन वर्तमान में ओपीडी 250 के करीब पहुंच गई है। इसमें सर्दी, जुकाम, बुखार से पीड़ित बच्चों की संख्या अधिक है।
बच्चों को सर्दी से बचाने के लिए यह करें
- बच्चों को ऐसे स्थान पर सुलाएं, जहां का वातावरण एक जैसा रहे।
- यदि एसी चला रहे हैं तो उसका तापमान इतना रखें, जितना बच्चा सहन कर सके।
- बच्चों का बिस्तर दरवाजे के पास कभी न लगाएं, बिस्तर को दरवाजे से दूर रखें।
- जिस कमरे में बच्चा है उसका दरवाजा बार-बार न खोलें, इससे गर्म और ठंडी हवा कमरे में आती है।
- बच्चों को सीधे हवा के संपर्क में आने से बचाएं। कूलर-पंखे और एसी की सीधी हवा में बच्चों को कभी न सुलाएं।
- बच्चों के सिर को कपड़े से ढककर रखें, ताकि कान के जरिए उनके शरीर में हवा प्रवेश न करें।