महज 30 मिनट की बरसात में ही शहर फिर से जलमग्न हो गया। सभी प्रमुख मार्ग पानी में डूब गए। भूतेश्वर सहित नए और पुराने बस स्टैंड के निकटवर्ती रेलवे पुलों के नीचे पानी भर गया। लोग जहां फंसे वहीं कैद होकर रह गए। मौसम विभाग की 72 घंटे में भारी बारिश की चेतावनी के हुई प्रशासनिक बैठक का भी कोई असर नहीं रखा। इस बरसात में भी हालत जस के तस रहे।
मंगलवार को दोपहर करीब दो बजे अचानक बरसात हुई। करीब 30 मिनट तक पानी जमकर बरसा। इसका प्रभाव शहरी क्षेत्र में कुछ ज्यादा नजर आया। सभी नाले और नालियां उफन पड़े। गंदा पानी सड़कों पर आ गया। होलीगेट क्षेत्र में सेठवाड़ा के सामने जमीन धंस गई। छत्ता बाजार में लोगों का निकलना दुश्वार हो गया।
क्वालिटी चौराहा से डैंपियर नगर को जाने वाला रास्ता एक बार फिर जलमग्न हो गया। क्वालिटी चौराहा स्थित नाले पर किए गए अतिक्रमण के चलते कई फीट पानी भर गया। दुकानदारों की सांसे फूल गईं। अंतापाड़ा, जनरलगंज, कोतवाली रोड, सुभाष नगर, कृष्णापुरी, चौक बाजार आदि क्षेत्रों में जलभराव हुआ। इन स्थितियों में जो व्यक्ति जहां फंसा था उससे निकलने में उसे लंबा वक्त लगा।
इधर बारिश को लेकर बीते दिनों हुई प्रशासन की बैठक भी बेनतीजा ही नजर आई। पालिका की व्यवस्थाओं की पोल फिर से इस बरसात ने खोल दी। मौसम विभाग की चेतावनी के बाद डीएम ने पालिका को सोमवार दोपहर से पहले नाला सफाई के निर्देश दिए थे।
इसके बाद भी नाले उफने और पूरा शहर तालाब सा नजर आया। हालांकि इस बारिश से तापमान का मिजाज पूरी तरह से बदल गया। उमस और गर्मी से जूझ रहे लोगों को राहत मिली। दिन का तापमान 33 डिग्री पर आ गिरा।