मौसम ने करवट ली तो अन्नदाता कराह उठे। बेमौसम बरसात और तेज हवाओं ने फसलों को चौपट कर दिया। गेहूं की बाली जमीन को छूने लगी तो पकी सरसों भी लेट गई। कृषि विशेषज्ञ आलू और जौ की फसलों को भी नुकसान बता रहे हैं। इधर मौसम विभाग ने बूंदाबांदी की संभावना जताई है। बढ़ी ठंड के बाद लोगों को एक बार फिर गरम कपड़े पहनने पड़ गए हैं।
एक कहावत है कि माघ दोबर, फागुन गोबर। यानि माघ में मेघ बरसे तो रबी फसल की उत्पादकता दोगुनी और फागुन में बरस गया तब गोबर। शनिवार देर रात से तेज हवा के साथ बारिश ने छाता, मांट, सौंख, गोवर्धन, राया, बलदेव, महावन, गोकुल, रिफाइनरी नगर क्षेत्र में बरसात ने किसानों की कमर तोड़ दी है। बरसात के बाद खेतों में नमी और फिर ठंडी तेज हवाओं से पकी खड़ी गेहूं और सरसों की बालियां खेतों में बिछ गयीं।
मांट क्षेत्र में आलू की फसल के सड़ने की आशंका जताई जा रही है। किसानों ने बताया कि आलू की सत्तर प्रतिशत खुदाई हो जाती लेकिन अब खुदाई नहीं हो पाएगी।
टैंटीगांव क्षेत्र में गेंहू की फसल चौपट हो गई। लाहा की कटी पड़ी फसल से दाना झड़ गया। कच्ची ईंटें गलने से भी लाखों का नुकसान है। नंदगांव, बलदेव में भी गेहूं, सरसों की यही स्थिति है।
छाता। कस्बे में गांव गौहारी, दौताना, लाड़पुर, बहरावली, पैगांव, खायरा, पिसावा, लौधौली, आजनौंक, रनवारी, अलवाई, चंदौरी, नरी सेमरी, अकबरपुर, तरौली, रान्हेरा, सेनवा आदि में गेहूं की फसल को काफी नुकसान हुआ है। किसान धर्मपाल सैनी, पप्पल सैनी, हरीशचंद, चंदभान वशिष्ठ आदि ने बताया कि गेहूं की फसल खेतों में लेट गई है। मौसम की करवट ने बिजली का फ्यूज भी गुल कर दिया। 12 घंटे से अधिक समय तक बिजली भी गुल रही।
फैक्ट फाइल
-02 लाख हेक्टेअर में है गेहूं क ी बुवाई
-40 हजार हेक्टेअर में है सरसों की फसल
-15 हजार हेक्टेअर में है आलू की खेती
-05 हजार हेक्टेअर में है जौ की फसल
आज भी बूंदाबांदी संभव
राया शोध केंद्र प्रभारी डा. श्याम सुंदर शर्मा ने बताया कि रविवार को दिन का तापमान 20 डिग्री सेल्सियस और रात का तापमान 12 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। सोमवार को भी बूंदाबांदी की संभावना है।
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नुकसान देख किसान की तबियत बिगड़ी
चौमुंहा। बेमौसम बरसात से हुए नुकसान को देखकर चौमुंहा ब्लाक के गांव अकबरपुर निवासी किसान सुभाष सिंह (55) की तबियत बिगड़ गई। रविवार सुबह बरसात रुकने पर वह खेत देखने गए थे, वहां बिछी फसल देख वह मूर्छित होकर गिर गए। साथ गए भाई ब्रज किशोर ने अन्य परिवारीजन को बुलाया और उनको केडी मेडिकल कालेज में भर्ती कराया। गांव के हरी सिंह, प्रेम सिंह, ब्रज किशोर आदि पीड़ित किसानों ने डीएम से मुआवजे की मांग की है।
बेमौसम बरसात और तेज हवा से गेहूं, सरसों, जौ, आलू की फसलों को नुकसान हुआ है। किसान अपने खेतों से पानी निकालने का इंतजाम तत्परता के साथ करें। कृषि विभाग नुकसान का आंकलन कराकर रिपोर्ट तैयार करेगा।
-राकेश बाबू, उपकृषि निदेशक, मथुरा
बेमौसम बरसात ने किसानों की तोड़ी कमर
कोसीकलां। शनिवार रात से शुरू हुई बूंदाबांदी ने रविवार सुबह तक झमाझम बरसात का रूप ले लिया। किसान लेखराज सिंह, अमर सिंह ने बताया कि तेज हवा के साथ बारिश ने गेहूं और सरसों की फसल को बिछा दिया। आलू को भी नुकसान हुआ है। बारिश के बाद विद्युत व्यवस्था भी चरमरा गई। रात में देहात के फीडरों पर आपूर्ति बंद रही। नगरवासी लगभग पूरे दिन बिजली के लिए तरसे।