बारिश और ओलावृष्टि ने मथुरा में किसानों की मेहनत पर पानी फेर दिया, 24 हजार से ज्यादा किसान प्रभावित हुए। करीब 16 करोड़ के नुकसान से किसानों की चिंता बढ़ी, अब मुआवजे और बीमा भुगतान की उम्मीद है।
बारिश और ओलावृष्टि के कारण जिले में 24 हजार से ज्यादा किसानों को 16 करोड़ रुपये की आर्थिक हानि हुई है। इस प्राकृतिक आपदा से रबी की फसलों को व्यापक क्षति पहुंची है, जिससे किसानों की चिंताएं बढ़ गई हैं। सबसे ज्यादा किसान छाता क्षेत्र में प्रभावित हुए हैं।
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इस साल जनपद में लगभग 2,44,000 हेक्टेयर भूमि पर रबी की फसल बोई गई थी। इसमें 1,87,000 हेक्टेयर भूमि में गेहूं की फसल का रकबा है। किसानों को उम्मीद थी कि इस बार पैदावार अच्छी होगी, लेकिन कटाई के समय हुई बारिश-ओलावृष्टि ने किसानों का गणित बिगाड़ दिया। आंकड़े दर्शाते हैं कि जिले के विभिन्न हिस्सों में नुकसान का स्तर अलग-अलग रहा है। मंगलवार तक के सर्वे में 24,162 किसान प्रभावित हुए हैं। इनमें छाता क्षेत्र में सबसे अधिक 16,871 किसान प्रभावित हैं। वहीं मांट क्षेत्र में किसानों को अपेक्षाकृत कम क्षति हुई है।
नुकसान की भयावहता को देखते हुए प्रशासन सर्वे कार्य में जुटा है। जिन किसानों ने अपनी फसलों के बीमा कराया, उन्हें बीमा कंपनियां 40 करोड़ रुपये आवंटित करेंगी। यह राशि सीधे उन किसानों के खातों में भेजी जाएगी, जिन्होंने प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत अपनी फसलों का बीमा कराया था। डीएम चंद्रप्रकाश सिंह ने बताया कि अभी सर्वे जारी है। सर्वे कार्य पूरा होने के बाद पीड़ित किसानों को सरकार की ओर से मुआवजा दिलाया जाएगा।