कोसीकलां (मथुरा)। नॉर्थ सेंट्रल रेलवे एंप्लाइज संघ (एनसीआरईएस) से जुड़े रेलकर्मियों ने सोमवार को निजीकरण और निगमीकरण, पुरानी पेंशन बहाली के मुद्दों पर प्रदर्शन किया। रेलवेकर्मियों ने मजदूर विरोधी नीतियों का विरोध करते हुए कहा कि इसे अंबानी-अडानी की रेल नहीं होने दिया जाएगा। केंद्र सरकार से रेलवे में बढ़ते निजीकरण को बंद करने की मांग उठाई।
प्रदर्शन के दौरान सभा में महामंत्री दयाशंकर शर्मा ने कहा कि अब सरकार की मजदूर विरोधी नीतियों का विरोध करने के लिए बड़ा कदम उठाना ही होगा। शर्मा ने कहा कि भारतीय रेल के सामने गंभीर चुनौती है, न्यू पेंशन स्कीम, रेल के निजीकरण और निगमीकरण पर सरकार लगातार आगे बढ़ रही है। इसके अलावा श्रम कानूनों में बदलाव कर सरकार ट्रेड यूनियन और फेडरेशन को कमजोर करने की साजिश रच रही है। ऐसे में अब हमें देरी नही करनी चाहिए और भारतीय रेल को बचाने के साथ ही कर्मचारियों हितों की रक्षा के लिए आर पार की लड़ाई के लिए तैयार हो जाना चाहिए, इसे अंबानी-अडानी रेल नहीं होने देंगे। सरकार की नीतियों के कारण रेलवे के लाखों कर्मचारियों में भारी गुस्सा है। पुरानी पेंशन बहाली की मांग को भी दरकिनार कर दिया गया। देवेंद्र कुमार, भीमदेव, सतीश, सुनील, अमर सिंह, सोहनलाल, अंकित, गुमान सिंह, जयपाल, प्रहलाद सिंह, जसराम, चंद्रकांत, रामलाल, धर्मवीर, ज्ञान सिंह आदि थे।