धर्मनगरी में जाम की समस्या के समाधान के लिए प्रस्तावित ट्रैफिक प्लान को रविवार को परखा गया। बाहरी चौपहिया वाहनों को तय पार्किंग स्थल पर खड़ा कराया गया। परिणाम आशा के अनुरूप रहा। नगर में जाम से लोगों को राहत मिली।
प्रशासन ने ट्रैफिक जाम पर अंकुश के लिए सप्ताहांत में वृंदावन में बाहर से आने वाले चौपहिया वाहनों की नो एंट्री की योजना बनाई है। 22 जनवरी की रात से एक महीने के लिए इसका ट्रायल किया जाएगा। इस संबंध में तैयारियां शुरू हो गई हैं।
रविवार को प्रस्तावित ट्रैफिक योजना को कुछ हद तक लागू कर परखा गया। राष्ट्रीय राजमार्ग दो पर छटीकरा से वृंदावन की ओर आने वाले वाहनों को पुलिस ने रुक्मिणी विहार पार्किंग के सामने अन्नपूर्णा पार्किंग पर रोका और तय पार्किंग स्थल में खड़ा कराया।
इसका असर साफ देखा गया। हर शनिवार और रविवार को नगर में लगने वाले जाम से कुछ हद तक राहत मिली। रविवार की शाम को मुख्य सड़कों पर वाहनों की कतारें लगी रहती थीं लेकिन इस बार ऐसा नहीं दिखा।
शाम 6 से 8 बजे के बीच हरि निकुंज चौराहे पर तगड़ा जाम लगता था लेकिन इस रविवार चौराहे पर ऐसा नजारा नहीं था। अन्य प्रमुख मार्ग और स्थल विद्यापीठ चौराहा, श्रोतमुनि रोड, इस्कान रोड पर भी जाम से राहत रही।
लोगों ने की सराहना
वृंदावन। 22 जनवरी की रात से लागू की जाने वाली ट्रैफिक व्यवस्था का रविवार को ट्रायल के दौरान असर देख स्थानीय लोगों ने सराहना की। स्थानीय निवासी मुकुट वल्लभ दुबे, शैलेंद्र सिंह, विवेक वार्ष्णेय का कहना है कि वृंदावन में वाहनों के प्रवेश को रोकने से जाम से मुक्ति मिलेगी।
प्रशासन को पार्किंग स्थलों से वृंदावन के मंदिरों तक श्रद्धालुओं को लाने ले जाने की व्यवस्था भी सुनिश्चित करनी होगी।
निजी पार्किंगों की कमाई पर लगेगा ब्रेक
वृंदावन। पुलिस की मिलीभगत से शहर के अंदर चल रहीं अवैध निजी पार्किंग संचालकों की कमाई पर भी इस व्यवस्था से खासा प्रभाव पड़ेगा। पार्किंग संचालक इस व्यवस्था को ठप कराने के लिए जुगत लगाने में जुट गए हैं।
पंडा समाज ने जताई नाराजगी
वृदावन। प्रशासन की योजना पर पंडा समाज ने नाराजगी जताई है। ऋषभ उपाध्याय, हरिओम शर्मा ने कहा कि प्रशासन को यह व्यवस्था लागू करने से पूर्व पंडा समाज से सुझाव लेना चाहिए था। इस व्यवस्था से बाहरी श्रद्धालुओं को परेशानी होगी।
पार्किंग में 4000 वाहन खड़े करने के इंतजाम
मथुरा। वृंदावन के लिए प्रस्तावित नो एंट्री व्यवस्था के लिए प्रशासन ने पार्किंग स्थलों की क्षमता का भी जायजा लिया। पार्किंग स्थलों पर चार हजार वाहनों को खड़ा करने की व्यवस्था की जा रही है।
पार्किंग स्थल से संबंधित स्थल तक ई रिक्शा और टेंपो पहुंचाएंगे। छटीकरा मार्ग पर बनी अन्नपूर्णा पार्किंग में 700 वाहनों को खड़ा करने की क्षमता है। एमवीडीए की ओर से रुक्मिणी विहार में बनाई जा रही दो मंजिला पार्किंग में दो हजार गाड़ियों के खड़ा कराने के इंतजाम किए जा रहे हैं।
एक्सप्रेसवे की ओर से आने वाले वाहनों के लिए यमुना के खादरों में पार्किंग बनाई जाएगी। यहां 800 गाड़ी खड़ा कराने के इंतजाम किए जा रहे हैं। सौ शैया अस्पताल के पास मथुरा की ओर से जाने वाले वाहनों के लिए पार्किंग में 400 गाड़ियों को खड़ा करने की व्यवस्था की जाएगी।
एसपी ट्रैफिक आशुतोष द्विवेदी ने बताया कि ट्रैफिक व्यवस्था में 100 फुटा रोड पर और छटीकरा रोड पर रोड ब्लाकर लगाकर वाहनों को रोका जाएगा। जरूरत के अनुसार छह स्थानों पर इलेक्ट्रानिक बैरियर लगाए जाएंगे।
वसूला जाएगा शुल्क
मथुरा। पार्किंग स्थल नि:शुल्क उपलब्ध नहीं होंगे। यहां वाहन संचालकों से शुल्क वसूला जाएगा। इसके लिए ज्यादातर पार्किंग संचालकों ने नगर पालिका वृंदावन से ठेका लिया हुआ है। एसपी ट्रैफिक ने बताया कि एमवीडीए की पार्किंग तैयार होने पर इसे भी ठेके पर उठाया जाएगा।
ट्रायल माह में लिए जाएंगे सुझाव
मथुरा। वृंदावन में नई व्यवस्था के एक माह तक ट्रायल के दौरान स्थानीय लोगों और श्रद्धालुओं को जो परेशानी होगी उन्हें सूचीबद्ध किया जाएगा। साथ ही लोगों से सुझाव लिए जाएंगे। समस्याओं का लोगों के साथ बैठक कर समाधान निकाला जाएगा।