मथुरा। आमदनी अठन्नी खर्चा रुपये ये कहावत एक बार फिर मथुरा-वृंदावन के मध्य संचालित रेल बस सेवा पर चरितार्थ हो रही है। ४.७० करोड़ रुपये की लागत से तैयार हुई रेल बस एक दिन में मात्र १५०० रुपये ही कमा रही है। २८० सवारी क्षमता वाली इस रेल बस में ५० से भी कम लोग दिन भर में सफर कर रहे हैं।
पुरानी पड़ी रेल बस के स्थान में विगत माह सितंबर में लगभग ४ करोड़ ७० लाख की लागत से तैयार नई रेल बस का शुभारंभ सांसद हेमामालिनी द्वारा किया गया था। उस समय रेलवे जीएम प्रमोद कुमार द्वारा उम्मीद की गई थी कि रेल बस में सवारियों की संख्या बढ़ेगी परंतु ऐसा नहीं हो सका। यह बस एक दिन में औसतन मात्र ५० सवारियां ही लेकर जा रही है। स्थानीय रेल अधिकारियों के मुताबिक इस रेल बस की क्षमता २८० यात्रियों की है लेकिन ५० सवारियां तक ही ढो रही है। पीआरओ डीआरएम प्रशस्ति श्रीवास्तव ने बताया रेल बस के लिए यात्रियों को आकर्र्ष्त करने के इंतजाम जल्द किए जाएंगे।
यात्रियों को नहीं है जानकारी
चाहे जंक्शन का प्लेटफार्म हो जहां से रेल बस वृंदावन के लिए जाती है या फिर रास्ते में पड़ने वाले फाटक। इन स्थानों पर कहीं यह साइन बोर्ड नहीं लगाया गया है कि रेल बस यहां से जाएगी और इतने बजे मिलेगी। इसी के चलते जो यात्री वृंदावन जाते हैं वह बिना रेल बस के ही चले जाते हैं।