मथुरा। राधारानी ब्रजयात्रा में चलते यात्री।
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बरसाना (मथुरा)। विरक्त संत रमेश बाबा की 30वीं राधारानी ब्रज चौरासी कोस यात्रा शुक्रवार को संकल्प के साथ प्रारंभ हो गई। सुबह ठाकुर मान बिहारीलाल के सानिध्य में 38 दिवसीय ब्रजमंडल परिक्रमा का संकल्प लिया गया। डॉ. रामजीलाल शास्त्री, राधाकांत शास्त्री, सुनील सिंह तथा नृसिंह दास ने कन्या पूजन किया।
गहवर वन से ब्रज चौरासी कोस राधारानी ब्रजयात्रा की शुरुआत विरक्त संत रमेश बाबा के सानिध्य में हुई। पहले दिन श्रद्धालुओं ने आठ किमी पैदल चल कर मान गढ़, विलास गढ़, दान गढ़, जयपुर मंदिर, राधारानी मंदिर, मोरकुटी, सांकरी खोर, माहेश्वरी सर, मानपुर आदि लीला स्थलों के दर्शन किए। साध्वी श्रीजी शर्मा ने ब्रजयात्रा का महत्व बताया। राधारानी मंदिर में सेवायत गोस्वामी ने यात्रा का स्वागत किया।
यात्रा में भगवान मानबिहारी जी के श्रीविग्रह को डोले में विराजमान कर उन्हें 38 दिवसीय ब्रजयात्रा कराई जाती है। कार्यकारी अध्यक्ष राधाकांत शास्त्री ने बताया कि ठाकुर मानबिहारी के ब्रजयात्रा पर जाने से मंदिर में उनका सिंहासन सूना रहेगा। इस सिंहासन पर लड्डू गोपाल जी को विराजमान किया जाएगा। ब्रजयात्रा के द्वितीय पड़ाव पर 12 अक्तूबर शनिवार को श्रद्धालु 14 किमी पैदल चल कर बरसाना के ऊंचागांव, सुलोकर, ब्रजेश्वर, रावल वन, पाडर वन, वृषभानु कुंड, चित्रा सखी, चिकसोली, दोहनी कुंड, माताजी गोशाला आदि तीर्थ स्थलों के दर्शन करेगी।