बरसाना। हरियाली तीज पर शनिवार (आज) लाडली जी की नगरी बरसाना राधारानी की भक्ति में सराबोर है। लाडली जी मंदिर में बृषभान दुलारी राधारानी अपने प्रियतम के साथ गर्भगृह से बाहर आकर स्वर्ण जड़ित हिंडोले में विराजेंगी। लाडली जी के स्वर्ण हिंडोले पर झूलने के साथ ही तेरह दिवसीय झूलन महोत्सव का आगाज होगा। शाम को राधारानी का डोला मंदिर परिसर स्थित सफेद छतरी में पहुंचेगा, जहां लाडली जी का दरबार सजेगा और भक्तों को दर्शन का सौभाग्य मिलेगा।
लाडली जी मंदिर के जगमोहन में स्वर्ण जड़ित हिंडोले को सजाया गया है। इसी हिंडोले पर राधारानी अपने प्रियतम के साथ विराजमान होकर भक्तों को दर्शन देंगी। वर्ष में एक बार होने वाले इस विशेष दर्शन को लेकर श्रद्धालुओं में खास उत्साह है। तेरह दिवसीय झूलन महोत्सव के दौरान बरसाना के विभिन्न मंदिरों में भी झूलों की छटा दिखाई देगी। बृषभान मंदिर, दादी बाबा मंदिर, मान मंदिर, मोर कुटी, दानगढ़, विलासगढ़, राधारस मंदिर, कुशलबिहारी मंदिर, गोपाल जी मंदिर, श्यामा-श्याम मंदिर और राम मंदिर सहित अन्य मंदिरों में देव विग्रह झूला झूलेंगे।
सेवायत राकेश गोस्वामी ने बताया कि सोने-चांदी से जड़ित प्राचीन स्वर्ण हिंडोला 79 वर्ष पुराना है। इसका निर्माण गोस्वामी समाज ने हरगुलाल सेठ के सहयोग से कराया था। यह हिंडोला वर्ष में केवल एक बार निकाला जाता है। हरियाली तीज पर इसी हिंडोले में लाडली जी के दर्शन भक्तों के लिए विशेष आकर्षण रहते हैं। शाम को राधारानी का डोला मंदिर परिसर स्थित सफेद छतरी में पहुंचेगा। ब्रज की मान्यता के अनुसार हरियाली तीज पर राधारानी नंदगांव से बरसाना आती हैं तो उनकी सखियां उन्हें महल के नीचे रोक लेती हैं। इसी परंपरा से सफेद छतरी के दर्शन जुड़े हैं। यहां लाडली जी वर्ष में तीन बार भक्तों को दर्शन देती हैं।