मथुरा। नगर निगम मथुरा-वृंदावन द्वारा ई-टेंडर और जेम पोर्टल के संचालन सहित संबंधित तकनीकी कार्यों को एक निजी कंपनी मैसर्स आरटीएस एंटरप्राइजेज को देने पर सवाल खड़े हो गए हैं। पार्षदों ने प्रदेश सरकार के नगर विकास मंत्री को पत्र लिखकर प्रक्रिया समाप्त करने की मांग की है।
पार्षदों के अनुसार, ई-टेंडर प्रणाली शासन की संवेदनशील और गोपनीय प्रक्रिया है। इसमें विभिन्न सरकारी विभागों के आला अधिकारियों के गोपनीय लॉग-इन, पासवर्ड, डिजिटल सिग्नेचर सर्टिफिकेट और कई अन्य महत्वपूर्ण और गोपनीय दस्तावेज शामिल होते हैं। ऐसी स्थिति में पूरे तकनीकी नियंत्रण को किसी निजी संस्था या निजी व्यक्तियों के हाथों में सौंपना सुरक्षा, गोपनीयता और पारदर्शिता की दृष्टि से चिंता का विषय है।
संवेदनशील कार्य को बिना किसी कड़े नियमों के महज कोटेशन के आधार पर ई-टेंडरिंग प्रक्रिया प्रक्रिया को निजी कंपनी को हस्तांतरित कर दिया गया है। पार्षद राजीव सिंह और मुन्ना मलिक ने सरकार से से मांग की है कि निजी कंपनी को जारी किए गए कार्य आदेश की तत्काल समीक्षा करें और उसे निरस्त किया जाए। ताकि प्रणाली की गोपनीयता बनी रहे।