मथुरा। उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग की सहायक अध्यापक (एलटी) प्रशिक्षित स्नातक चयन भर्ती परीक्षा शनिवार को 14 केंद्रों पर हुई। परीक्षार्थियों को सामाजिक विज्ञान और जीव विज्ञान के विषयों में कोई खास परेशानी नहीं हुई, लेकिन सामान्य अध्ययन के प्रश्नों ने परेशानी बढ़ा दी। परीक्षा केंद्रों पर सघन चेकिंग के बाद ही परीक्षार्थियों को प्रवेश दिया गया।
परीक्षाएं शनिवार को दो सत्रों में कराई गईं। पहली पाली में सुबह 9 बजे से 11 बजे तक सामाजिक विज्ञान का पेपर हुआ। जिसमें कुल 5968 परीक्षार्थी पंजीकृत थे, लेकिन उनमें से कुल 2367 ने परीक्षा दी। 3601 ने परीक्षा छोड़ दी। दूसरे सत्र की जीव विज्ञान की परीक्षा दोपहर 3 बजे से शाम 5 बजे तक चली। इसमें कुल 6063 अभ्यर्थी पंजीकृत थे। जिनमें से 3099 ने परीक्षा दी और 2964 ने परीक्षा छोड़ दी। दोनों सत्रों की परीक्षा में 45.43 प्रतिशत परीक्षार्थी उपस्थित रहे। परीक्षा केंद्रों पर नकल और गड़बड़ियों को रोकने के लिए जिला प्रशासन ने विशेष प्रबंध किए थे। प्रवेश पत्रों के मिलान के बाद ही परीक्षार्थियों को प्रवेश दिए गए।
कुछ मुस्कुराए तो कुछ दिखे मायूस
परीक्षा में कुल 150 प्रश्न आए थे। इनमें से 30 प्रश्न सामान्य अध्ययन और 120 प्रश्न विषयों से संबंधित पूछे गए। अलीगढ़ से परीक्षा देने आए सुभाष चंद्रा ने बताया कि उनकी पहले सत्र में परीक्षा थी। वर्ष 2018 में भी उन्होंने परीक्षा दी थी। मगर इस बार सामान्य अध्ययन के ज्यादातर प्रश्न कठिन थे। जबकि सामाजिक विज्ञान के प्रश्नों में उन्हें अधिक परेशानी नहीं हुई। आगरा से आईं मनीषा गुप्ता ने बताया कि सुमेलित विकल्प एक जैसे ही थे, उन्हें करना कठिन हो रहा था। नेगेटिव मार्किंग के चलते विकल्प चुनना चुनौती भरा था।