मथुरा। कोरोना वायरस से निपटने के लिए जिला प्रशासन ने कृष्णाकुटीर सहित 11 कॉलेजों के भवनों को अधिग्रहीत कर लिया है। सुनरख स्थित कृष्णाकुटीर को क्वारंटीन के लिए तैयार किया जा रहा है, जबकि कॉलेज भवनों को आश्रयगृह का रूप दिया जाएगा। मंगलवार को बाजार की पूर्व निर्धारित व्यवस्था के तहत साप्ताहिक बंदी रहेगी। थोक की दुकानें सुबह चार बजे से सुबह सात बजे तक खुलेंगी।
कोरोना वायरस के मद्देनजर लॉकडाउन के बावजूद संक्रमित लोगों की संख्या में अब तेजी से इजाफा हो रहा है। हालांकि मथुरा जनपद में अभी तक कोई मरीज सामने नहीं आया है। इसके बावजूद सरकार के दिशानिर्देशों पर संभावित स्थिति से निपटने की तैयारी शुरू हो गई है। जिला प्रशासन ने कोरोना वायरस से प्रभावित लोगों को उपचार देने की योजना के तहत अपनाई जाने वाली क्वारंटीन की प्रक्रिया के लिए कृष्णाकुटीर का चयन किया है। वृंदावन के सुनरख स्थित कृष्णाकुटीर का अधिग्रहण कर लिया गया है। अब यहां 800 बेड की व्यवस्था होगी, जिससे यहां लोगों को क्वारंटीन किया जा सके। बताया जाता है कि पिछले तीन दिनों के दौरान 50 हजार से अधिक मजदूर दिल्ली, हरियाणा और राजस्थान के रास्ते मथुरा से गुजरे हैं। इसमें 29 हजार की रवानगी तो बीते दिवस रविवार को हुई। ये सभी लोग मथुरा में न रुकते हुए अपने-अपने घरों के लिए पैदल और वाहनों से रवाना हो गए हैं।
फिर भी लॉकलाउन के दौरान मथुरा में फसे लोगों को आश्रय देने के लिए प्रशासन ने 10 कालेजों का भी अधिग्रहण कर लिया है। अधिग्रहीत किए गए कॉलेज भवनों को आश्रयगृह का रूप दिया जाएगा। यहां रुकने वालों को भोजन की जिम्मेदारी अश्रयपात्र को दी गई है। एडीएम वित्त ब्रजेश कुमार ने बताया कि आपात स्थितियों से निपटने की सभी तैयारियां शुरू हो चुकी हैं। कृष्णाकुटीर और 10 कॉलेजों के भवन अधिग्रहीत कर लिए हैं। मंगलवार को बाजार की पूर्व निर्धारित व्यवस्था के तहत साप्ताहिक बंदी रहेगी। थोक की दुकानें सुबह चार बजे से सात बजे तक खुलेंगी।