राजकीय कालेजों में कार्यरत शिक्षक-शिक्षिकाओं के वीआईपी जिलों में स्थानांतरण किए जाने से जिले के शिक्षक संगठनों में उबाल है। ट्रांसफर के विरोध में शनिवार को राजकीय समेत अन्य शिक्षक संगठनों ने मूल्यांकन कार्य का पूर्ण बहिष्कार करते हुए मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा।
जिले में 25 राजकीय इंटर कालेज और राजकीय हाईस्कूल संचालित हैं। इन विद्यालयों में लगभग 360 शिक्षक-शिक्षिकाओं की आवश्यकता है, जबकि इनमें से मात्र 117 ही शिक्षक-शिक्षिकाएं कार्यरत हैं। इनमें से भी करीब 30 अध्यापकों का ट्रांसफर प्रदेश के वीआईपी जिला मैनपुरी में कर दिया गया है।
बताया जा रहा है कि अभी कम से कम 30 अन्य शिक्षकों का भी स्थानांतरण आदेश जारी होने वाला है। इसके विरोध में शनिवार को राजकीय इंटर कालेज में राजकीय, माध्यमिक, स्ववित्तपोषित शिक्षक-शिक्षिकाओं ने उत्तर पुस्तिकाओं के मूल्यांकन का पूर्ण बहिष्कार किया।
प्रांतीय वरिष्ठ संगठन मंत्री सुषमा अग्रवाल, मंडलीय अध्यक्ष अखिलेश यादव, जिला उपाध्यक्ष डॉ. राखी गुप्ता के नेतृत्व में शिक्षकों ने एडीआईओएस राघवेंद्र सिंह को मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन सौंपकर स्थानांतरण रद्द कराने की मांग की।
इस दौरान देशराज सिंह, मनवीर सिंह, एसपी शर्मा, शिवचरन रावत, मंजीत सिंह, रन सिंह, हरिमोहन गुप्ता, दलवीर सिंह, पुष्पेंद्र यादव, संध्या श्रीवास्तव, ज्योत्सना सिंह, मुुकेश शर्मा, रमा चतुर्वेदी आदि उपस्थित रहे।