वृंदावन और आसपास के गांवों में आबकारी विभाग की ओर से आवंटित किए गए शराब के ठेकों का विरोध लगातार बढ़ता जा रहा है। बुधवार को शराब बिक्री और ठेका आवंटन के विरोध में संत समाज ने बैठक कर जिला प्रशासन से ठेका निरस्त करने की मांग की।
बैठक में महंत बलराम दास बाबा ने कहा कि वृंदावन की भूमि से विश्व के करोड़ों लोगों की धार्मिक भावना जुड़ी हुई है। यहां संत और भक्त प्रभु आराधना में लीन रहते हैं, ऐसे दिव्य स्थल पर शराब की दुकानें खुलने से शांति भंग हो रही है।
महंत फूलडोल बिहारी दास ने कहा कि वृंदावन के धार्मिक स्वरूप की रक्षा के लिए वृंदावन कोतवाली सीमा के अंदर किसी भी प्रकार के मादक पदार्थ, अंडा, मांस-मछली की बिक्री पर पूर्ण प्रतिबंध लगना चाहिए।
महामंडलेश्वर स्वामी नवलगिरी ने कहा कि ड्राई एरिया होने के बावजूद वृंदावन में शराब और मादक पदार्थों की बिक्री चिंता का विषय है।
महंत हरिबोल बाबा, स्वामी आदित्यानंद ने शराब बिक्री की निंदा की। सौरभ गौड़, मृदुलकांत शांस्त्री ने कहा कि वृंदावन में शराब की बिक्री को संत समाज बर्दास्त नहीं करेगा।
बैठक में आचार्य बद्रीश, अनिल गौतम, रमणबिहारी गौतम, चंद्रलाल शर्मा, देवप्रकाश, जगदीश सिंह, गंगाशरण, ओमप्रकाश सिंह, जगदीश शर्मा, जितेंद्र उपस्थित थे।