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बंदरों के आतंक से आक्रोश, बाजार बंद

Sat, 11 Apr 2015 11:50 PM IST
ब्यूरो, अमर उजाला वृंदावन
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बंदरों के हमले की लगातार घटनाओं के बावजूद समस्या के समाधान की हवाई बातों पर लोगों में आक्रोश था ही, शुक्रवार शाम को बंदरों के हमले के बाद छत से गिरी महिला की मौत की जानकारी पर सड़कों पर उतर आए। स्थानीय लोगों और दुकानदारों ने नारेबाजी करते हुए सड़क पर जाम लगा दिया।
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शनिवार को नगर के चार प्रमुख बाजार पूरी तरह से बंद रहे। समझाने पहुंचे जनप्रतिनिधियों को भी गुस्से से दो-चार होना पड़ा। शाम तक बाजार बंद रहे। लोगों ने जिला प्रशासन को बंदरों को पकड़ने के लिए अभियान शुरू करने के लिए बुधवार तक का समय दिया। गौरतलब है कि शुक्रवार की शाम गोविंदबाग निवासी अंजनी देवी पत्नी धर्मनाथ शास्त्री पर बंदरों ने हमला कर दिया था। जिससे वह दूसरी मंजिल से नीचे आ गिरीं। देर शाम उनकी मौत हो गई थी।

घटना के विरोध में शनिवार की सुबह नगर पालिका सभासद वैभव अग्रवाल के साथ बड़ी संख्या में लोगों ने प्रदर्शन किया। जिला और नगर पालिका प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की। बंदरों के हमले की लगातार घटनाओं के बाद भी कोई कार्रवाई नहीं किए जाने से लोगों में काफी आक्रोश था। घटना के विरोध में नगर के लोई बाजार, रेतिया बाजार, प्रताप बाजार और बनखंडी बाजार बंद रहे। लोग चाय-पानी के लिए भी तरसते देखे गए।
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हंगामे की सूचना पर एसओ मौके पर पहुंचे और लोगों को समझाया। इधर क्षेत्रीय विधायक प्रदीप माथुर, सांसद प्रतिनिधि जनार्दन शर्मा और पालिकाध्यक्ष मुकेश गौतम भी पहुंच गए। लोगों को बंदरों को पकड़ने के लिए अभियान चलाने का आश्वासन दिया। लेकिन लोग जिला और नगर पालिका प्रशासन पर बंदरों को पकड़ने के अभियान में लापरवाही का आरोप लगाते हुए जाम हटाने के लिए राजी नहीं हुए।

व्यापारी केजी गुप्ता, राधा वल्लभ, दंपतकिशोर दीक्षित, लक्ष्मीनारायण दीक्षित, विनीत अग्रवाल, राजेश गोयल, विवेक अग्रवाल ने कहा कि बंदरों के हमले की घटनाएं बढ़ रही हैं। लोगों का घर के बाहर निकलना भी दुश्वार हो चुका है। एक घंटे तक प्रदर्शन होता रहा। पालिकाध्यक्ष और पुलिस के बार-बार समझाने पर लोगों का गुस्सा शांत हो सका। क्षेेत्रीय निवासियों ने बुधवार तक बंदरों को पकड़ने के लिए अभियान की शुरुआत करने की मांग करते हुए आंदोलन की चेतावनी दी है।

इधर पालिकाध्यक्ष मुकेश गौतम ने कहा है कि वन विभाग और डीएम को बंदरों को छुड़वाने के स्थानों की सूची उपलब्ध कराने के संबंध में एक पत्र लिखा है। जल्द ही बंदरों को पकड़ने के लिए विशेष अभियान चलाया जाएगा।
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