प्रदेश सरकार के ठाकुर बांकेबिहारी मंदिर का अधिग्रहण करने के प्रस्ताव के विरोध में चल रहा सेवायतों और हिंदूवादियों का क्रमिक अनशन आठवें दिन समाप्त हो गया।
शुक्रवार को ठाकुर बांकेबिहारी मंदिर स्थित अनशन स्थल पर पहुंचे संत सियाराम बाबा ने सेवायतों अधिग्रहण न होने का आश्वासन दिलाया। इसके बाद सपा के राष्ट्रीय महासचिव रामगोपाल यादव से वार्ता के बाद अनशन समाप्त हुआ। सियाराम बाबा ने अधिग्रहण होने पर अपने प्राण त्यागने की बात कही।
धर्म रक्षा संघ के बैनर तले हो रहे क्रमिक अनशन में पहुंचे सियाराम बाबा ने कहा कि मंदिर अधिग्रहण के विरोध में जारी आंदोलन व्यर्थ नहीं जाएगा। यदि सरकार मंदिर का अधिग्रहण करती है तो वे प्राण त्याग देंगे। उन्होंने बताया कि ठाकुर बांकेबिहारी मंदिर के अधिग्रहण के बारे में उन्होंने सपा महासचिव प्रो. रामगोपाल यादव को पूरी जानकारी दी है।
रामगोपाल यादव ने मुख्य सचिव नवनीत सहगल से इस संबंध में जानकारी की तो उन्हें बताया गया कि शासन ने अधिग्रहण संबंधी कोई प्रक्रिया प्रारंभ नहीं की है। सियाराम बाबा का कहना था कि वे स्वयं मंदिर अधिग्रहण का पुरजोर विरोध करते हैं।
पालिकाध्यक्ष मुकेश गौतम ने सियाराम बाबा के प्रयासों की सराहना की और कहा कि उनके कारण ही सपानेताओं ने अधिग्रहन न करने की बात कही है। आचार्य बद्रीश ने कहा कि संत-महंतों, सेवायतों और हिंदूवादियों के आंदोलन के कारण ही सरकार ने अपने कदम वापस खींच लिए है।
अगर सरकार ने मंदिर अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू की तो देशव्यापी आंदोलन होेगा। मंदिर प्रबंध कमेटी के उपाध्यक्ष घनश्याम गोस्वामी ने सियाराम बाबा और आंदोलन में साथ देने वाले सभी संगठनों का आभार जताया। इस अवसर पर आभास गोस्वामी, श्रीनाथ गोस्वामी, गोपेश गोस्वामी, बच्चू गोस्वामी, आशीष गोस्वामी, अंकित गोस्वामी, अरविंद गोस्वामी आदि उपस्थित थे।