प्रदेश में समाजवादी पार्टी सरकार ठाकुर बांकेबिहारी मंदिर और विंध्यवासिनी मंदिर के अधिग्रहण प्रस्ताव पर चारों ओर से घिरती नजर आ रही है। एकओर हिंदूवादी संगठन, सेवायत और संत समाज अधिग्रहण प्रस्ताव का विरोध कर रहे हैं तो दूसरी ओर सरकार के मंत्रियों तक को इसका खामियाजा भुगतना पड़ रहा है।
बुधवार शाम को ठाकुर बांकेबिहारी मंदिर में दर्शन के लिए आए प्रदेश के मनोरंजन कर मंत्री मदन चौहान को सेवायतों के विरोध का सामना करना पड़ा। जैसे ही मंत्री मदन चौहान मंदिर में दर्शन के बाद जाने लगे तो क्रमिक अनशन स्थल पर बैठे सेवायतों ने सरकार विरोधी नारे लगाए।
सेवायतों ने अधिग्रहण के विरोध में प्रदेश सरकार के किसी भी नुमांइंदे को मंदिर में प्रवेश न कराने की बात कही। ठाकुर बांके बिहारी मंदिर प्रबंध कमेटी के उपाध्यक्ष घनश्याम गोस्वामी ने कहा कि प्रदेश सरकार ने मंदिर में अधिग्रहण के प्रस्ताव को वापस नहीं लिया तो मंदिर में आने वाले हर वीआईपी को विरोध का सामना करना पड़ेगा।
इस बारे जब मंत्री मदन चौहान से पूछा गया तो उन्होंने कहा कि उन्हें मंदिर अधिग्रहण के बारे में जानकारी नहीं है। इसलिए वह कुछ नहीं कह सकते। इस अवसर पर बच्चू गोस्वामी, निखिल गोस्वामी, आशीष गोस्वामी, रजत गोस्वामी, आभाष गोस्वामी, श्रीनाथ गोस्वामी आदि उपस्थित थे।