वृंदावन। कालीदह क्षेत्र में बन रहे चार मंजिला इमारत को ध्वस्त करने के लिए मंगलवार दोपहर पहुंची मथुरा-वृंदावन विकास प्राधिकरण की टीम विरोध होने पर वापस लौट गई। यह इमारत लोक निर्माण विभाग के सेवानिवृत्त अधिकारी की बताई जा रही है।
यमुना खादर में अवैध रुप से लगातार मकान, होटल, रेस्टोरेंट, मंदिर और गोशाला का निर्माण के साथ-साथ जमीन की खरीद-फरोख्त का कार्य तेजी से चल रहा है। इस बीच मंगलवार दोपहर को कालीदह क्षेत्र स्थित यमुना की ओर शशि मिश्रा की ओर से चार मंजिला भवन का निर्माण कराया जा रहा है। इस भवन के निर्माण को मथुरा-वृंदावन विकास प्राधिकरण ने अवैध करार देते हुए ध्वस्तीकरण के निर्देश 10 मार्च 2021 को दिए गए।
एमवीडीए ने भवन स्वामी को दिए नोटिस में बताया कि भवन निर्माण की स्वी़कृति नहीं ली गई। 29 जनवरी 2021 को नोटिस देकर जवाब मांगा गया लेकिन भवन स्वामी द्वारा किसी तरह का जवाब नहीं दिया गया। शशि मिश्रा का कहना है कि वर्ष 2012 में जमीन खरीदी थी। 2015 में निमार्ण कार्य शुरु किया, जो कि अब तक चल रहा है। इस बीच उन्हें एमवीडीए से कोई नोटिस नहीं मिला है। यदि वर्ष 2021 में ध्वस्तीकरण के आदेश एमवीडीए ने दिए तो तो तभी ध्वस्तीकरण की कार्रवाई क्यों नहीं की गई। जेई एसडी पालीवाल ने कहा कि अवैध रूप से निर्माण कार्य किया गया है। उच्चाधिकारियों के निर्देश पर ध्वस्तीकरण की कार्रवाई के लिए पुलिस के साथ आए, लेकिन मजिस्ट्रेट न होने और विरोध के कारण कार्रवाई नहीं हो सकी।