कोसी-शेरगढ़ मार्ग के निर्माण की मांग को लेकर सांसद हेमा मालिनी को जनता के गुस्से का शिकार होना पड़ा। लोग करीब 20 मिनट तक सांसद के काफिले रोके रहे। सांसद गाड़ी से बाहर नहीं आईं तो नारेबाजी कर रोष जताया।
शहीद हेमराज की द्वितीय पुण्यतिथि पर सांसद शहीद के गांव नहीं पहुंची थीं। शनिवार शाम को करीब साढ़े 4 बजे सांसद शहीद हेमराज के गांव शेरनगर जा रही थीं। रास्ते में पड़ने वाला कोसी-शेरगढ़ मार्ग के वर्षाें से जर्जर है।
जैसे ही गांव के लोगों को पता चला कि सांसद यहां से गुजरने वाली हैं तो वहां काफी संख्या में गांववासी एकत्रित हो गए। जैसे ही सांसद का काफिला गुजरा तो लोगों ने रोक लिया। गांववासी सांसद के गाड़ी से बाहर आने की जिद करने लगे लेकिन सांसद गाड़ी से नहीं उतरीं।
सांसद के सुरक्षाकर्मी भी असहाय नजर आ रहे थे। गोपाल बाग पुलिस चौकी के दरोगा और सिपाही भी मौके से गायब थे। काफी हंगामे के बाद कुछ लोगों के समझाने पर गांववासी मान गए। लोगों का कहना था कि सांसद एक बार गाड़ी से उतरकर गड्ढों को देखतीं।
इधर सांसद के छाता क्षेत्र प्रतिनिधि ने बताया कि सड़क का निर्माण प्रधानमंत्री सड़क योजना के तहत जल्द कराया जाएगा। इस संबध में पीडब्ल्यूडी के एक्सईएन से बात हो चुकी है।
पार्टी नेता ने ही कराई सांसद की फजीहत
सूत्रों के अनुसार सांसद का काफिला रुकवाने की योजना भाजपा के ही एक नेता ने बनाई थी। काफिला रुकने के दौरान लोगों ने नेताजी को पकड़ लिया। नेताजी लोगों से बोल गए कि उन्हाेंने ही तो सांसद को समस्या से अवगत कराने के लिए यह सब कराया था तब जाकर लोगों ने नेताजी को छोड़ा।